पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की आवश्यकता है, प्राणवायु प्रदान करते हैं वृक्ष, प्रकृति से ही जीवन है मनुष्य का

हरियाली महोत्सव के अवसर पर “हलहारिणी अमावस्या” के दिन दुर्गा मंदिर, धनवंतरी नगर में हरित श्रृंगार की छटा बिखेरी व विराट पौधारोपण का आयोजन मंदिर समिति ने किया, इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाज सेवी पंडित दीपक पचौरी एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती सुमिता मिश्रा प्रदेश उपाध्यक्ष अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के द्वारा की गई । कार्यक्रम का शुभारंभ माँ दुर्गा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया पश्चात शिव जी का पूजन कर पीपल वृक्ष का पौधारोपण विधिवत मंत्रोच्चार से पंडित मधुसूदन जी के द्वारा कराया गया । इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के लिए संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया जिसमें वक्ताओं ने कोरोना काल मे ऑक्सीजन की कमी व मानव स्वार्थ की पराकाष्ठा की चर्चा की गई । पर्यावरण के संरक्षण की आवश्यकता के विषय पर कार्यक्रम अध्यक्षा श्रीमती सुमिता मिश्रा ने प्रकाश डाला व वृहद पौधारोपण के साथ सुरक्षित व सुखद भविष्य की कल्पना को साकार किया। मुख्य अतिथि की आसंदी से दीपक पचौरी ने बताया कि वर्तमान समय मे मानव जीवन मे स्वास्थ्य की रक्षा हेतु पर्यावरण का संरक्षण वर्तमान समय की आवश्यकता है पेड़ पौधों में जीवन होता है जो स्वयं जीवित रहते हुए मनुष्य को जीवन प्राणवायु के रूप में देते हैं, समस्त समाज के जागरूक नागरिकों ने गरिमामयी आयोजन में पधारकर पर्यावरण की रक्षा हेतु अपना सहयोग प्रदान किया व पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लिया । कार्यक्रम में उपस्थिति पंडित के. के.शुक्ला, राजेश पांडे, शेष नारायण पाराशर , राकेश पाठक, जडी द्विवेदी, एस. एन. रघुवंशी, नीरज शुक्ला, बी.पी. तिवारी, निशा तिवारी, अशोक दीक्षित,अनिल दुबे, कमल किशोर तिवारी, सतीश दुबे , आई. एस. राजपूत, सुरेश वैशंपायन, एम .सी. दुबे , डी. एस. जाटव, आर. सी. गांधी रोशन आनंद कोरी, एच. एस मालवीया, के. एम. श्रीवास्तव, अर्जुन पटेल, अनुरूप शुक्ला , लक्ष्मी शंकर तिवारी, डॉ प्रहलाद सैनी, पं. मधुसूदन दुबे श्रीमती पंकजा शुक्ला ,चंद्रा दीक्षित, जया, के. के. मिश्रा, सीमा चौबे, कला अवस्थी, रानू शर्मा, नीतू सोमू चक्रवर्ती, पूनम परिहार, तनु कुररिया, रेखा उपाध्याय, आर्य भारती दीक्षित, मालती पटेल, वर्षा सैनी, मंजू राघवन, अमिता शुक्ला, उर्मिला चौबे, प्रभा रजक आदि सदस्यों व क्षेत्रीय नागरिकों की रही।



