पनागर विधानसभा अन्तर्गत ग्राम सिंगलदीप में भव्य रूप में विराजी माता महाकाली

जबलपुर दर्पण। विधि विधान से की जाती है माता महाकाली की प्राण प्रतिष्ठा प्रतिदिन संध्या आरती में लगता है हजारों श्रद्धालुओं का तांता। आचार्य पंडित श्री राजेश शास्त्री जी ने बताया की दूर-दूर से श्रद्धालु मां के दरबार में अपनी हाजिरी लगाने आते हैं जो मुरादे लेकर आते हैं मां जगत जननी उन्हें पूरा करती है आसपास के ग्रामीण अंचलों में माता के प्रति लोगों को भारी आस्था है प्रतिदिन संध्या आरती में हजारों श्रद्धालु आरती करने हेतु आते हैं।
पण्डित योगेश बिलोहां ने बताया कि नवरात्र के 9 दिन में प्रतिदिन बैठकी के दिन से प्रातः 9:00 बजे से कन्या भोजन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है जिसमें ग्राम की सैकड़ों कन्याएं बैठकर प्रसाद ग्रहण करती हैं। गांव के प्राचीन दुर्गा मंदिर में जवारे बोए जाते हैं, जिनका विसर्जन नवमी के दिन किया जाता है। सप्तमी के दिन आदिशक्ति मां जगत जननी के दरबार में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन एवं रात में महा आरती का आयोजन किया जाता है। दशहरे के दिन अखंड नग्र भोज का आयोजन किया जाता है, इस दिन पूरे गांव में किसी भी घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता है समस्त ग्रामवासी एवं आसपास के गांव के क्षेत्रीय जन सपरिवार इष्ट मित्रों सहित भंडारे में आकर बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। एवं रात में भव्य दशहरा आरती का आयोजन होता है। माता महाकाली की असीम कृपा सभी भक्तजनों पर रहती है। पूरे गांव में एक धार्मिक वातावरण रहता है। गांव के श्री भैया जी पटेल, रामकेश पटेल, सुनील उपाध्याय, प्रमोद बिलोहां, सुनील बिलोहा, राम सिंह मास्टर, अजीत पटेल, विनय पटेल, हेमंत पाठक, राजेश दुबे, अशोक पटेल, विजय पटेल, दुर्गेश बिलोहां, जीतेन्द्र पटेल, गोलू पटेल, सतीश सोनी, गोविंद दीवान, लक्ष्मण दीवान, राजू दीवान, शुभम बिलोहां, वेद बिलोहां सहित ग्राम सिंगलदीप के समस्त ग्रामवासी, माता के भक्तजन 10 दिन माता की सेवा पूजा में तन मन धन से सहयोग करते हैं। ग्यारस के दिन धूमधाम से चल समारोह के रूप में माता की विसर्जन यात्रा के माध्यम से गांव स्थित हिरन नदी में माता को विदा किया जाता है।



