शरदोत्सव संकीर्तन : भोले भंडारी बन करके ब्रज कि नारी गोकुल में आ गये

जबलपुर दर्पण। पार्वती भी मना के हारी ना माने त्रिपुरारी गोकुल में आ गये
दीनदयाल ने कहा…तेरा तब से ” गोपेश्वर ” हुआ नाम रे
ओ भोले बाबा तेरा वृन्दावन बना धाम रे
भक्त कहे ओ त्रिपुरारी राखो लाज हमारी…
शरद पूर्णिमा की रात्रि में संस्कारधानी जबलपुर मे भगवान श्री कृष्ण की महारास लीला का गान भजनों और संकीर्तन श्री कृष्ण चैतन्य महाप्रभु संकीर्तन मंडल मिलोनीगंज के तत्वावधान में, नर्मदा मंडल मिलोनीगंज, संकीर्तन मंडल गढ़ा फाटक, छोटा फुहारा के समीप स्व. रम्मू सेठ जी के निवास पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। सभी भक्तवृन्दो के साथ संतोष अग्रहरि, सत्यप्रकाश सराफ, रम्मू लाल जी कुदरिया, देवव्रत सोनी आदि उपस्थित रहें ।



