रीवा-सीधी नई रेल लाइन परियोजना में मध्यप्रदेश की सबसे लंबी रेलवे सुरंग निर्माणाधीन

जबलपुर दर्पण। भारतीय रेलवे में नई रेल लाइन परियोजनाओं के निर्माण कार्य को कोविड की चुनौतियों के बावजूद तीव्र गति से किया जा रहा है। इसी कड़ी में ललितपुर-सिंगरौली नई रेल परियोजना के निर्माण कार्य की प्रगति बहुत तेजी से चल रहा है। गौरतलब है कि रीवा-सीधी नई रेल लाइन परियोजना का निर्माण कार्य पश्चिम मध्य रेल पर चल रहा है। रीवा-सीधी नई रेल लाइन निर्माण कार्य में रीवा और सीधी जिले की सीमा पर छुहिया घाटी को पार करने के लिए सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। रीवा-सीधी के बीच नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत बनने वाले गोविंदगढ़-बगवार स्टेशनों के बीच 3338 मीटर लंबाई की ब्रॉडगेज सिंगल लाइन अंडरग्राउंड रेलवे टनल नंबर 01 का निर्माण किया जा रहा है। यह मध्यप्रदेश की सबसे लंबी रेलवे सुरंग है। इस निर्माण कार्य में अब तक इन बिंदुओं पर कार्य किया गया है। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले इसकी पूरी डिजाइन सरंचना पर गहन अध्ययन किया गया तथा डिजाइन अनुसार कार्य को अंजाम देने हेतु और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए विख्यात संस्थान मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल को नियुक्त किया गया।
जिला प्रशासन अनुमति के बाद नियंत्रित ब्लास्टिंग का कार्य किया गया। जिससे प्राकृतिक सरंचना की प्रभुत्ता कायम रहे। इस निर्माण कार्य में उत्खनन का कार्य भी अनुमोदित डिजाइन के अनुसार ही पूर्ण किया गया। सुरंग का निर्माण कार्य गोविंदगढ़ (रीवा छोर) और बगवार (सीधी छोर) दोनों छोर से किया गया है। इसमें दोनों छोर से उच्च तकनीक की इंजीनियरिंग मशीन जिससे ड्रिलिंग और टनलिंग का कार्य एक साथ हो का उपयोग कर सुरंग की खुदाई शुरू की गई है। सुरंग में होरिजेंटल रॉक जोड़ों की कठिन चुनौतियों को भी बेहतर तरीके से समाहित कर निर्माण कार्य किया जा रहा है। सुरंग को स्थिर मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से अतिरिक्त रॉक बोल्ट लगाये जा रहे हैं।
इस निर्माण कार्य में सभी प्रकार के इंजीनिरिंग मापदंडों एवं भूगोलिक सरंचना के अनुसार प्रत्येक गतिविधियों पर अतिरिक्त ध्यान दिया जा रहा है। रेलवे के विकास में नई रेल लाइन परियोजनाओं के निर्माण कार्य में पश्चिम मध्य रेल हमेशा अग्रणी रहा है। पमरे द्वारा रीवा-सीधी नई रेल लाइन परियोजना को तेजी से गति प्रदान किया जा रहा है।



