भक्त के लिए अवतरित होते है भगवान: राधेश्याम महाराज

जबलपुर दर्पण। भक्त का भगवान से जन्म जन्मांतर का संबंध कायम रहता है। भक्त की करूण पुकार को सुनने निरंतर धरा पर अवतरित होते है उक्त उदगार ओरछा से पधारे भागवता कार कथावाचक संत राधेश्याम महाराज ने कुश्वार्तैश्वर महादेव मंदिर जिलहरी घाट मे आषाढी कार्तिकी वारी महामंडल, महाराष्ट्र ब्रह्मवृन्द समाज व्दारा आयोजित कार्तिक महोत्सव मे भागवत कथा सप्ताह मे व्यक्त किए।
आज श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में प.पू.राधेश्याम जी महाराज द्वारा ध्रुव के चरित्र का वर्णन किया गया।साथ ही अपनी ओजस्वी वाणी के द्वारा महाराज श्री ने भगवान विष्णु के चौबीस अवतारों का कथानक सुनाकर श्रोताओं को भक्ति रस से सराबोर किया, व्यास पीठ का पूजन पं. निर्णय काले,पं. जयेश टाकलकर,
सन्दीप परांजपे,सुरेश बेहेरे, संतोष गोडबोले सहित श्रृध्दालुओ ने किया।



