सड़कों पर उतरने के बाद जागा प्रशासन, जीआरएस कि सेवा समाप्त


- लंबे समय से शिकायत के बाद भी नहीं हो रही थी कार्रवाई।
- राजनीतिक संरक्षण से पद में बने रहने के लगाए आरोप।
डिंडोरी दर्पण ब्यूरो। जिले के जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मारगांव में रोजगार सहायक के खिलाफ सड़कों पर उतरने के बाद जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा रोजगार सहायक के सेवा समाप्ति करने के आदेश दिए गए हैं। गौरतलब है कि लंबे समय से रोजगार सहायक को हटाने की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीण लामबंद थे, पिछले दिनों कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन तक कर चुके हैं, बावजूद कोई कार्यवाही ना होने से लामबंद ग्रामीणों ने कल मंगलवार को बिछिया समनापुर मार्ग पर चक्का जाम कर दिया, जिसके बाद आनन-फानन में प्रशासन द्वारा रोजगार सहायक की सेवा समाप्ति करने के आदेश पारित किया गया। आरोप लगाया गया कि रोजगार सहायक को राजनीतिक संरक्षण मिलने के कारण भ्रष्टाचार करने के बावजूद भी कार्यवाही नहीं हो रही थी, लेकिन ग्रामीणों की सड़कों पर उतर कर हल्ला बोल करने के बाद प्रशासनिक अमला जागा और तत्काल ही निलंबित के लेटर जारी किए गए हैं, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने अपना विरोध प्रदर्शन बंद कर दिया। बताया गया कि बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने बिछिया से समनापुर मार्ग को बंद कर दिया था, सूचना के बाद स्थानीय पुलिस भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंची, काफी समझाइश के बाद भी स्थानीय ग्रामीण नहीं माने और रोजगार सहायक को हटाने की मांग पर अड़े रहे, जिसके बाद जनपद के मुख्य अधिकारी द्वारा मारगांव के रोजगार सहायक को तत्काल हटाने के लेटर जारी किए गए हैं।
- भ्रष्टाचार कर राशि गबन के थे आरोप।
ग्रामीणों की माने तो ग्राम पंचायत में रोजगार सहायक द्वारा जमकर धांधली की गई और रोजगार गारंटी ,पीएम आवास ,शौचालय निर्माण कार्यों के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार किया गया। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा पूर्व में जिला कलेक्टर सहित जनपद के अधिकारियों से शिकायत की गई थी लेकिन शिकायत के लंबे समय बाद भी जिम्मेदार रोजगार सहायक के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं हो रही थी, जिसके बाद लामबंद ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और 2 दिनों तक धरना प्रदर्शन करने के बाद ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि जल्द कार्यवाही की जाएगी, लेकिन आश्वासन के आज दिनांक तक कोई कार्यवाही ना होने से स्थानीय ग्रामीण कल मंगलवार को समनापुर बिछिया के मुख्य मार्ग पर सड़क जाम कर दिया ,जिससे काफी समय तक यातायात प्रभावित रहा, जहां लोगों की काफी भीड़ जमा होने लगी थी, स्थानीय ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए जनपद के अधिकारियों द्वारा तत्काल रोजगार सहायक को हटाने के आदेश जारी कर दिए गए। जिसके बाद स्थानीय ग्रामीण शांत हुए, तब कहीं जाकर यातायात बहाल हो पाया।


