शिक्षक दिवस

माता पिता गुरु समान शिक्षक ।
हमेशा हमारे जीवन के मार्गदर्शक ।।
नित्य नूतन कार्य मार्ग अन्वेषण !
विश्वशांति समर्पण नया विशेषण !!
होती नित नए शिक्षा अवलोकन ,
विकृत विश्लेषण कर बनते रक्षक ।
ज्ञान विज्ञान का वरदान शिक्षक !
विचार व्यवहार का भंडार शिक्षक !!
मानव पथ पर नित नए दिन चलते ,
बनाता शिक्षित प्रतिष्ठित योग्य कर्मठ ।
हम विद्यार्थी जनहित के स्वार्थी !
बनकर चलते हैं देश के सारथी !!
शिक्षक के आदर्शों पर चलकर ,
बनते हैं हम देश के महा नायक ।
हम सभी पढ़ें पढ़कर आगे बढ़े !
समाज देश जनता की सेवा करें !!
शिक्षा ही राष्ट्र की अमूल्य धरोहर ,
शिक्षित बने हम सौराष्ट्र के लायक ।
कोटि-कोटि नमन सादर अभिनंदन !
आभार डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन !!
आओ मिलकर मनाएं हम सब ,
अपने आदर्शों के शिक्षक दिवस ।
माता पिता गुरु समान शिक्षक ।
हमेशा हमारे जीवन के मार्गदर्शक ।।
स्वरचित एवं मौलिक
मनोज शाह ‘मानस’
नई दिल्ली



