मोदी जी का ट्यूट प्रधानमंत्री की गरिमा के विपरीत, राजनीतिक स्वार्थ के लिए देश को किया शर्मशार:दिनेश यादव

जबलपुर दर्पण। कांग्रेस नेता दिनेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्यूट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विगत दिवस पंजाब यात्रा के दौरान सुरक्षा में हुई चूक को लेकर मोदी जी के द्वारा ट्विटर में यह लिखना कि अपने सीएम को थैंक्स कहना कि मैं बठिंडा एयरपोर्ट पर जिंदा लौट आया प्रधानमंत्री की गरिमा के विपरीत है। आगामी चुनाव में आम जनता से सहानुभूति लूटने राजनीतिक स्वार्थ के कारण देश को शर्मसार किया है। जो निंदनीय है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा महत्वपूर्ण है देश प्रदेश की भूमिका गृह मंत्रालय की जबाबदेही के साथ प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में अचानक बदलाव उच्च स्तरीय जांच होना चाहिए । ताकि लिखी गई पटकथा का सच सामने आ सके। आगामी चुनाव के मद्देनजर भाजपा नेता पंजाब की कांग्रेस सरकार को बदनाम करने में लग गई है । झूठे ब्यख्यान कर रहे हैं। कोई प्रधानमंत्री की सुरक्षा एजेंसियों से यह क्यों नहीं पूछता कि खराब मौसम में कार्यक्रम क्यों किया जा रहा था। मौसम विभाग से अनुमति क्यों नहीं ली गई ? सौ किलोमीटर से अधिक तक लंबा सफर अचानक कैसे तय कर लिया गया ? एसपी जी ने कैसे अनुमति दे दी ? गृह मंत्रालय क्या कर रहा था जब मोदी सरकार को मालूम है कि पंजाब हरियाणा क्षेत्र में किसान आंदोलित है केंद्र की मोदी सरकार से नाराज हैं तो प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त क्यों नहीं रखी गई। ऐसे अनेक प्रश्न भाजपा की केंद्र सरकार पर खड़े होते हैं । क्या यह एक राजनीतिक हथकंडा जैसा नही हैं जो पंजाब सरकार को बर्खास्त करने के लिए रचा गया हो।
वैसे तो प्रधानमंत्री मोदी जी अपने को 56 इंच सीना वाले बताते हैं अपने को लोकप्रिय होने का दम भरते हैं काशी की गलियों में आधी रात को अकेले घूमने का इतिहास रचते हैं सबसे आधुनिक तकनीकी से सुरक्षित कार पर सवार रहते हैं फिर भी इतना कैसे डर गए जिसके कारण उन्हें पंजाब के सीएम को एयरपोर्ट तक जिंदा लौटने पर धन्यवाद देकर व्यंग्य करना पड़ा । समर्थक भयभीत दिखाई दे रहे हैं। जो चिंतनीय है ।
दिनेश यादव ने उच्च स्तरीय जांच की मांग के साथ मोदी जी को सलाह दी है कि इन परिस्थितियों का सामना कैसे किया जाता है इसके लिए कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्रियों की जीवनी को आत्मसात करें। आप तो एसपीजी के घेरे में रहे हैं सुरक्षित रहे हैं किसी प्रकार के हमले की खबर नहीं हैं। वर्तमान में प्रियंका गांधी राहुल गांधी पर तो जब देखो तब भाजपा शासित प्रदेशों की पुलिस के द्वारा सुरक्षा देने की बजाय घटनाओं को जन्म देते रहते हैं और वह जावाजी के साथ उनका सामना कर जनता के लिए संघर्षित है। मैं विश्वास के साथ कहता हूं कि यदि आप के स्थान पर कांग्रेस के नेता होते तो वह उन परिस्थितियों को भी सकारात्मक बनाते और काफिला रोकने वालों के 5 सदस्य प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी समस्या सुन अपने दायित्वों का निर्वाहन करते। जो अपने आप में इतिहासिक होता। आप इतना भी साहस नहीं जुटा पाये। सुरक्षा में कहां चूक हुई है यह तो जांच का विषय है पर आप उस चूक का सही लाभ लेने से भी चूक गए।
प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया कि एक स्क्रिप्ट के तहत पंजाब सरकार को दोषी बताने और साजिश के तहत अपनी छवि बनाने के लिये देश को बदनाम कर बैठे। जिससे आज देश दुखी है।



