दया, क्षमा, करुणा, एवं साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है ईद : सरताज मंजिल

जबलपुर दर्पण। देश की तरक्की खुशहाली एवं आपसी सद्भाव की दुआओं के साथ रुखसत हुआ पवित्र माहे रमज़ान, दो साल के कोरोना लॉकडाउन के बाद इस साल देशभर में ईद की खुशियां चरम पर हैं, युवा भाजपा नेता सरताज मंजिल ने बताया के रमज़ान के तीस रोज़े रखने इबादत एवं नेक कार्य करने और गुनाहों से बचने का इनाम है ईद, इस दिन लोग सुबह सवेरे ही उठ जाते हैं और गरीबों के लिए ज़कात सदका खैरात अदा करते हैं ताकि वो भी ईद की खुशियां मना सके फिर बा-वजू होकर नए कपड़े पहनकर खुशबू लगाकर ईदगाह की तरफ शुक्राने की नमाज़ अदा करने के लिए चल देते हैं और देश की एकता अखण्डता आपसी समरसता को मजबूत करने राष्ट्र की तरक्की और खुशहाली की दुआ के साथ सभी एक दूसरे से गले मिलकर लौटते हैं फिर अपने अपने घरों में सेवइयों की मिठास और स्वादिष्ट खानों का आनन्द उठाते हैं,,
खुशियों भरा ईद का तहवार समाज मे प्रेम, अमन, चैन, सुख, शंति, आपसी भाईचारे एवं साम्प्रदायिक सौहार्द का पैगाम देता है, ईद की मिठास और खुशियों को बांटने के लिए सरताज मंजिल ने अपने हिंदू मित्रों को भी इस सामुदायिक उत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है, यह वक्त आपसी भाईचारे मेल जोल की भावना को मजबूत करने और स्वयं को मानवता एवं देश की सेवा करने के लिए समर्पित करने का अवसर है, इस वर्ष लोगों की खुशियां भी डबल है कोरोना की लहर में कमी की वजह से एक तरफ जहां रमज़ान माह में चैत्र नवरात्र का पावन पर्व एवं हनुमान जयंती, महावीर जयंती धूम धाम, हर्ष उल्लास एवं साम्प्रदायिक सौहाद्र के साथ मनाई गई तो वहीं दूसरी तरफ ईद भी भरपूर उत्साह के साथ मनाई जा रही है, आप सभी का जीवन मंगलमय हो इसी कामना के साथ आप सभी को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं एवं दिली मुबारकबाद।


