जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

जीवन मे सुख दुःख सिर्फ अनुभूति : स्वामी नरसिंहदास

जबलपुर दर्पण। जीवन सुखमय बनाने परिवार मे सामंजस्यपूर्ण आचरण आवश्यक है। भक्ति रस मे सराबोर भक्त भवसागर सरलतापूर्वक पार कर लेता है। साधक के जीवनकाल मे सुख दुख उसकी मृग तृष्णा से अनुभव होता है , यदि श्रीकृष्ण की अद्भुत अलौकिक और जग कल्याण की लीलाओ का मनन करे तो सिर्फ सुखद अनुभूति ही होगी । श्रीकृष्ण रूकमणी सदृश सांसारिक जीवन मे पति पत्नी को हर जरूरत मंद की सेवा करना चाहिए। उक्त भावुकतापूर्ण उदगार मां नर्मदा तट ग्वारीघाट के देव सिध्द शनिधाम जबलपुर मे आयोजित शनि महायज्ञ, श्रीमद्भागवत महापुराण के षष्ठम दिवस महारास, श्री रूकमणी विवाहोत्सव की व्याख्या मे पूज्य श्री नरसिंह पीठाधीश्वर स्वामी नरसिंह दास महाराज ने व्यास पीठ से कहे।
श्री व्यास पीठ श्रीमद्भागवत जी का पूजन आचार्य जगदेव महाराज, पं प्रदीप महाराज, कामता प्रसाद, अभय द्विवेदी , डा राजीव कुमार मिश्रा, आचार्य अनूप देव महाराज, रामफल शास्त्री ,पंचम लाल, नीरज मिश्रा, विष्णु पटेल, डा संदीप मिश्रा, विध्येश भापकर, राजेन्द्र यादव, सत्यनारायण द्विवेदी, अनीश ,विवेक मिश्रा,कान्हा , ध्रुवनारायण, अजय रमेश तिवारी ,जगन्नाथ,रोहित त्रिपाठी ,प्रवीण चतुर्वेदी, संजय शास्त्री, आदि ने किया।
शनि महायज्ञ मे आचार्य प्रदीप महाराज, यज्ञाचार्य आचार्य दीपक शर्मा के मार्गदर्शन मे वैदिक आचार्यो ने नवग्रह, अष्ट मातृका, श्रीपीठ , शनिदेव महाराज की विशेष कृपा प्राप्त करने यजमानो और श्रृध्दालुओ ने शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त करने यज्ञ मे आहुतियां देकर, यज्ञ मंडप की परिक्रमा की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88