आकाशवाणी केंद्र जबलपुर से क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण को पुन: बहाल करें सरकार – तरुण भनोत

जबलपुर दर्पण। पिछले दिनों आकाशवाणी केंद्र जबलपुर से बुंदेली एवं अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में होने वाले स्थानीय कार्यक्रमों पर आकाशवाणी के ज़िम्मेदार अधिकारियों द्वारा लगाई गई रोक दुर्भाग्यपूर्ण एवं निराशाजनक हैं। एक तरफ़ प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषणों में आत्मनिर्भर भारत के तहत वोकल फ़ॉर लोकल पर बल दे रहे हैं वही सरकार में बैठे नौकरशाहों का क्षेत्रीय भाषाओं और बोलियों के प्रति ऐसी उदासीनता प्रधानमंत्री के भावनाओं से उनका कोई प्रत्यक्ष सरोकार न होने को ही दर्शाता हैं । उक्त आरोप प्रदेश सरकार में पूर्व वित्त मंत्री एवं जबलपुर पश्चिम से विधायक तरुण भनोत ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर को प्रेषित पत्र के माध्यम से लगाया हैं ।
श्री भनोत ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगातार ऑल इंडिया रेडियो और आकाशवाणी के माध्यम से मन की बात कर वोकल फ़ॉर लोकल के मूलमंत्र को प्रमोट करने प्रोत्साहित किया जा रहा हैं, किंतु आकाशवाणी के ज़िम्मेदार अधिकारियों द्वारा जबलपुर में बुंदेली भाषा में होने वाले विभिन्न प्रसारणों पर रोक लगाया जाना निश्चित तौर पर आकाशवाणी के श्रोताओं के साथ ही स्थानीय भाषाओं में वर्षों से आकाशवाणी में कार्य कर रहे कलाकारों के लिए यह एकतरफ़ा आदेश अत्यंत ही पीड़ादायक हैं ।
ग़ौरतलब हैं कि प्रदेश में बुंदेली, बघेली, मालवीय एवं अन्य प्रकार की बोलियां अत्यंत प्रचलन में हैं और सामाजिक कार्यक्रमों में इनका विशेष महत्व हैं । जबलपुर और इसके आसपास के जुड़े ज़िलों में आकाशवाणी के माध्यम से होने वाले प्रसारणों को बड़े चाव से सुना जाता हैं, किंतु पिछले दिनों रेडियो पर जबलपुर में बुंदेली बोली की जगह खड़ी हिंदी में कार्यक्रमों के प्रसारण की मौखिक आदेश जारी किए जाने से बुंदेली भाषाओं के श्रोताओं और अपने कला का प्रदर्शन करने वाले कलाकारों में रोष व्याप्त हैं और यह आदेश घोर निराशाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण माना जा रहा हैं ।
श्री भनोत ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर को प्रेषित पत्र में बताया कि आकाशवाणी द्वारा लिए गए इस निर्णय से यह साफ़ प्रतीत होता हैं कि आकाशवाणी के शीर्षस्थ अधिकारियों को न तो प्रधानमंत्री जी के भावनाओं से कोई सरोकार हैं और ना ही क्षेत्रीय भाषाओं के श्रोताओं और आकाशवाणी में कार्य करने वाले कलाकारों से हैं, जिनके सामने इस आदेश के बाद कलाकारों के सामने इस भीषण महंगाई में रोज़ी-रोटी की समस्या खड़ी हो जाएगी ।
श्री भनोत ने केंद्रीय मंत्री श्री ठाकुर को प्रेषित पत्र में आकाशवाणी जबलपुर के द्वारा लिए गए इस एकतरफ़ा और मनमाने निर्णय को तत्काल वापस लेने और क्षेत्रिय भाषाओं में होने वाले स्थानीय कार्यक्रमों को यथावत बहाल करने का आग्रह किया गया हैं।



