बाम्हनवाड़ा में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे से बवाल बीजेपी नेता पर आरोप

सिवनी जबलपुर दर्पण । लखनादौन तहसील की ग्राम पंचायत बाम्हनवाड़ा में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने ग्राम सरपंच सतेंद्र उइके और उनके भाई सुरेंद्र उइके पर गंभीर आरोप लगाते हुए राजस्व विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार, सतेंद्र उइके जो भारतीय जनता पार्टी लखनादौन मंडल के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष भी हैं ने अपने पद का दुरुपयोग कर भाई सुरेंद्र उइके को खसरा नंबर 14 की 2.23 हेक्टेयर शासकीय भूमि के एक हिस्से पर कब्जा दिला दिया है। यह भूमि नाले के किनारे स्थित है और वर्षों से ग्रामीणों द्वारा आवागमन मार्ग के रूप में प्रयुक्त होती रही है। उपसरपंच प्रदीप साहू, वार्ड पंच सुनीता सोनी समेत कई ग्रामीणों का आरोप है कि इस कब्जे से रास्ता अवरुद्ध हो गया है, जिससे चार-पांच किसानों की खेतों तक पहुँच में बाधा उत्पन्न हो गई है।ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने अवैध कब्जे का विरोध किया, तो सुरेंद्र उइके ने उन्हें झूठे एससी-एसटी प्रकरण में फंसाने की धमकी दी। इस डर के माहौल ने गांव में रोष और असंतोष पैदा कर दिया है।ग्रामीणों ने मामले की शिकायत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), लखनादौन से की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में राजस्व अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि अधिकारियों की मिलीभगत से ही यह कब्जा संभव हो पाया है।



