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वर्ष 2016 के पूर्व अस्तित्व में आई अनाधिकृत कालोनियां होंगी वैध – तरूण भनोत

जबलपुर दर्पण। जिले के अंतर्गत पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में शासन की उदासीनता और लापरवाही के कारण दो दर्जन से अधिक अनाधिकृत कालोनियां विकसित हो चुकी है। कॉलोनाईजर द्वारा शासन के नियमों को ताक पर रख कर कालोनियों को विकसित किया गया, किंतु जिला प्रशासन की उदासीनता का शिकार वे लोग हुए जो अपने जीवन भर की जमा पूंजी को व्यय कर प्लॉट खरीद कर ऐसी अनाधिकृत कालोनियों में अपना मकान बना चुके है, ऐसी अनाधिकृत कालोनियों में मूलभूत नागरिक सुविधाओं का सर्वाधिक अभाव है। रहवासियों को न तो पेयजल की सुविधा है, न सड़क-नाली है, और न ही बिजली के स्थाई कनेक्शन ही है। अनाधिकृत कालोनियों को वैध करने और कालोनियों में समुचित सुविधा उपलब्ध कराने के नाम पर चुनावों में बड़ी-बड़ी घोषणाऐं कर वोटरों को गुमराह करने वाली भाजपा सरकार चुनाव जीतने के बाद उनके द्वारा की गई घोषणाऐं केवल चुनावी जुमले बन कर रह जाते है। उक्त आरोप प्रदेश सरकार में पूर्व वित्तमंत्री एवं जबलपुर पश्चिम से विधायक श्री तरूण भनोत ने प्रदेश सरकार पर लगाये है।

श्री भनोत ने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक अनाधिकृत और अवैध कालोनियां अब तक विकसित हो चुकी है, किंतु मूलभूत सुविधाओं के आभाव में इन कालोनियों में रहने वाले रहवासियों का जीवन अत्यंत पीड़ादायक बन चुका है। इन अवैध कालोनियों में रहने वाले रहवासियों के द्वारा लगातार पेयजल, सड़क, नाली, बिजली के खंभे एवं बिजली के स्थायी कनेक्शन जैसी समस्याओं को लेकर लगातार मांग की जा रही है, ताकि वैध कालोनियों के तर्ज पर ही शासन द्वारा अवैध कालोनियों के रहवासियों को भी मूलभूत सुविधाऐं मुहैया कराई जा सके। अनाधिकृत कालोनियों के रहवासियों की पीड़ा को देखते हुए उनके द्वारा पिछले दिनों अपने विधानसभा क्षेत्र की अवैध कालोनियों को वैध किये जाने एवं उन कालोनियों में मूलभूत सुविधाऐं सुनिश्चित करने को लेकर प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह को पत्र के माध्यम से मांग की गई थी। विधायक की मांग को स्वीकार करते हुए संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल द्वारा लिखित में यह जानकारी दी गई है कि मध्यप्रदेश नगर पालिका (कालोनी विकास) नियम 2021 के प्रावधानों के अनुसार दिनांक 31.12.2016 के पूर्व अस्तित्व में आई अनाधिकृत एवं अवैध कालोनियों को नियम 24 के प्रावधानों के तहत वैध करने एवं विकास कार्य हेतु वित्तीय व्यवस्था की जावेगी।

नगरीय प्रशासन संचालनालय द्वारा विधायक भनोत को प्रेषित पत्र में यह जानकारी दी गई है कि जिन अवैध कालोनियों में 70 प्रतिशत आबादी निम्न आय वर्ग के है, उनसे योजना के विकास शुल्क का 20 प्रतिशत और 80 प्रतिशत निकाय द्वारा वहन किया जावेगा। अन्य कालोनियों के निवासियों से 50 प्रतिशत विकास शुल्क लिया जायेगा और शेष 50 प्रतिशत निकाय द्वारा वहन किया जायेगा। संचालनालय द्वारा विकास शुल्क जमा करने के संबंध में यह भी जानकारी दी गई है कि इसके अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी द्वारा विकास शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख विनिश्चित कर सार्वजनिक सूचना प्रकाशित करेगा, तथा विकास शुल्क अधिक्तम 5 वर्षो की किश्तों में जमा किये जाने की अनुज्ञा प्रदान कर सकेगा, जिस राशि का उपयोग संबंधित कालोनियों के विकास पर ही खर्च किया जा सकेगा।

संचालनालय के इस आदेश पर विधायक भनोत ने आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि अनाधिकृत कालोनियों के रहवासियों द्वारा विकास के नाम पर कॉलोनाइजर्स द्वारा पूर्व में ही मोटी रकम वसूली जा चुकी है, किंतु शासन की उदासीनता और लापरवाही के कारण इन रहवासियों को कॉलोनाईजस द्वारा ठगने का काम किया गया है, और अब पुनः शासन द्वारा इन रहवासियों से विकास शुल्क की वसूली किया जाना इन पर दोहरी मार है। उन्होंने शासन से मांग की है कि अनाधिकृत कालोनियों को वैध करने और प्रारंभिक रूप से मूलभूत सुविधाओं को पूरा करने के साथ ही समुचित विकास कार्य शासन द्वारा अपने स्तर पर किया जाना चाहिए। श्री भनोत ने बताया कि संचालनालय द्वारा जारी इस आदेश की पुनः समीक्षा हेतु संबंधित मंत्रालय से आग्रह करेंगे ताकि अवैध कालोनियों के रहवासियों को राहत प्रदान किया जा सके।

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