जनेकृविवि के कृषि वैज्ञानिकों ने विकसित की बाजरे की नई प्रजाति

जबलपुर दर्पण। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के अन्तर्गत संचालित अखिल भारतीय चारा अनुसंधान परियोजना के अन्तर्गत वैज्ञानिकों द्वारा बाजरे की नवीनतम किस्म जे.पी.एम.-18-7 देष के किसानों हेतू विकसित की है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन ने वैज्ञानिकों की इस राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि पर बधाई दी है, एवं कहा कि जनेकृविवि के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों की उत्तरोत्तर उन्नति व प्रगति हेतू, षोध करके विभिन्न प्रकार की फसलों के बीजों की नई-नई किस्में ईजाद कर रहे हैं और देष-दुनियां में अपना एवं विष्वविद्यालय का परचम लहरा रहे हैं। कुलपति डॉ. बिसेन ने आगे बताया कि इसके पहले भी चाहे सोयाबीन हो या फिर गेहूं, धान की किस्में हो, इस पर भी यहां के वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए जवाहर बीजों की प्रजातियां तैयार करके खेती को लाभ का धंधा बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर संचालक अनुसंधान सेवायें डॉ. जी. के. कौतू, अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. धीरेन्द्र खरे, संचालक प्रक्षेत्र डॉ. डी. के. पहलवान, संचालक विस्तार सेवायें डॉ. डी. पी. शर्मा, संचालक षिक्षण डॉ. अभिषेक शचक्ला, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. अमित शर्मा, विभागाध्यक्ष डॉ. पी. बी. शर्मा, डॉ. आर. एस. शुक्ला, एवं अन्य वैज्ञानिकों ने बधाई दी है।



