बड़ी माई मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, गूंजे जयकारे

सतीष चौरसिया उमरियापान । आदिशक्ति की उपासना का पावन पर्व चैत्र नवरात्रि गुरुवार से विधि-विधान के साथ प्रारंभ हो गया । उमरियापान सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है । पर्व के पहले ही दिन प्राचीन बड़ी माई मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा । सुबह होते ही मंदिर परिसर में लंबी कतारें लगाएं महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और युवा सभी जल, नारियल और चुनरी लेकर माता रानी के दर्शन के लिए पहुंचे । श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखकर मां भगवती की आराधना करेंगे । प्राचीन बड़ी माई मंदिर न केवल उमरियापान, बल्कि आसपास के कई गांवों के लिए गहरी आस्था का केंद्र है । दूर-दराज से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं । मंदिर की प्राचीनता और इससे जुड़ी मान्यताएं इसे विशेष बनाती हैं । स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण एक ही रात में हुआ था, जो आज भी लोगों के लिए आस्था और आश्चर्य का विषय बना हुआ है । बताया जाता है कि इस भव्य मंदिर का निर्माण कल्चुरी राजाओं द्वारा एक रात में कराया गया था । करीब 150 फुट ऊंचा यह मंदिर अपनी आकर्षक स्थापत्य कला के लिए भी प्रसिद्ध है । नक्काशीदार पत्थरों से निर्मित यह मंदिर सैकड़ों वर्षों बाद भी अपनी भव्यता और मजबूती के साथ खड़ा है । श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बड़ी माई के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है । नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना और भंडारों का आयोजन भी किया जाता है । स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में किसी भी शुभ कार्य से पहले माता रानी को निमंत्रण देने की परंपरा आज भी कायम है । विवाह जैसे मांगलिक अवसरों पर नवविवाहित जोड़े सबसे पहले बड़ी माई मंदिर पहुंचकर आशीर्वाद लेते हैं ।



