सीधी दर्पण

कलेक्टर के आदेश के बावजूद खनिज विभाग में क्यों जमें हैं शिक्षक सुरेन्द्र बहादुर सिंह

सिंगरौली जबलपुर दर्पण । कलेक्टर के आदेश को ठेंगा दिखाते हुये शिक्षक सुरेन्द्र बहादुर सिंह एक साल बाद भी खनिज विभाग में जमें हुये हैं। दिनांक 30 मार्च 2024 को जिला कलेक्टर द्वारा आदेशित किया गया कि शिक्षक सुरेंद्र बहादुर सिंह को खनिज विभाग से हटाकर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैढ़न और विकासखंड शिक्षा अधिकारी बैढ़न कार्यालय में आगामी आदेश तक संलग्न किया जाए। लेकिन आदेश के 15 महीने बाद भी वह अभी भी खनिज विभाग में कार्यरत हैं।
शिक्षक को खनिज विभाग की सरपरस्ती
सूत्रों की मानें तो सुरेंद्र बहादुर सिंह की खनिज विभाग में मजबूत पकड़ है। उनका संबंध क्रेशर, खदान मालिकों और कोयला माफियाओं से बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि खनिज विभाग की अनियमितताओं की फाइलें भी इनके माध्यम से ‘मैनेज होती हैं। पुराने खनिज अधिकारी के तबादले के बाद भी इनकी पोस्टिंग अडिग है, जिसे लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
कलेक्टर के आदेश की धज्जियां
यह मामला प्रशासनिक सख्ती और अनुशासन पर भी सवाल खड़ा करता है। जब एक शिक्षक, जो कि छात्र पढ़ाने के लिए नियुक्त किया गया है, खनिज विभाग की फाइलों में व्यस्त है, तो शिक्षा व्यवस्था पर भी सीधा असर पड़ता है।शासन के नियमों के अनुसार, किसी शिक्षक का खनिज जैसे तकनीकी विभाग में वर्षों तक जमे रहना असंवैधानिक है। लेकिन कलेक्टर के आदेश की अवहेलना और खनिज विभाग की चुप्पी कई सवालों को जन्म दे रही है। लोगों का कहना है कि सुरेंद्र बहादुर सिंह को तत्काल खनिज विभाग से हटाया जाए तथा आदेश का पालन न करने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही खनिज विभाग में सुरेंद्र बहादुर सिंह की भूमिका की जांच कराई जाए कि क्या वह वाकई शिक्षकीय कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं या मैनेजर की भूमिका निभा रहे हैं। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस आदेश उल्लंघन पर क्या रुख अपनाता है। अगर ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह भविष्य में शासन की साख और अनुशासन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88