साइबर अपराधों से सतर्क रहने का दिया संदेश, न्यायाधीश ने छात्रों को बताए सुरक्षा के आसान उपाय

सतीश चौरसिया उमरियापान । मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों एवं अध्यक्ष प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में सोमवार को ढीमरखेड़ा स्थित संत कबीर जूनियर हाई स्कूल में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया । शिविर में न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी देते हुए डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने का संदेश दिया ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायिक अधिकारी पूर्वी तिवारी ने कहा कि इंटरनेट और स्मार्टफोन का उपयोग जितनी तेजी से बढ़ रहा है, उसी अनुपात में साइबर ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल भुगतान से जुड़े अपराध भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों सहित प्रत्येक नागरिक के लिए साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है ।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते की जानकारी, एटीएम कार्ड नंबर, ओटीपी, पासवर्ड अथवा अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें । किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें तथा सोशल मीडिया का उपयोग हमेशा जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करें ।
शिविर में विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो वह तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराए अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे ।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्न भी पूछे, जिनका न्यायिक अधिकारी पूर्वी तिवारी ने सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया । शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें साइबर अपराधों के प्रति सजग, सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा ।



