डिजिटल माध्यम से किसानों को वैज्ञानिकों से जोड़कर कृषि तकनीक द्वारा लाभान्वित किया जायेः कुलपति डाॅ. बिसेन

कृषि विज्ञान केन्द्र, जबलपुर की 18वीं वैज्ञानिक परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न
जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विष्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्र जबलपुर में कुलपति डाॅ. प्रदीप कुमार बिसेन के मुख्यआतिथ्य में 18 वीं वैज्ञानिक परामर्षदात्री समिति की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्यअतिथि कुलपति डाॅ. प्रदीप कुमार बिसेन ने कहा कि डिजिटल एवं सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को वैज्ञानिकांे से जोड़कर लाभान्वित किया जाये, जिससे किसान जागरूक होकर अपनी खेती की पैदावार बढ़ा सके। कार्यक्रम में सर्वप्रथम केन्द्र की प्रमुख वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डाॅ. रश्मि शुक्ला द्वारा कार्य योजना का प्रस्तुतिकरण पाॅवर प्वाॅइंट के माध्यम से दिया गया। इसके साथ ही बैठक में सम्मिलित समस्त सदस्यों द्वारा सुझाव आमंत्रित किये गये। इस अवसर पर संचालक विस्तार सेवायें डाॅ. डी. पी. शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये कहा कि कृषि अभियांत्रिकीय विभाग के समन्वय से जिले में किसानों को फार्म मशीनरी के उपयोग हेतु प्रोत्साहित किया जाये। कार्यक्रम के विशेष अतिथि कृषि अनुसंधान परिषद, अटारी निदेशक डाॅ. एस. आर. के. सिंह ने किसानों के साथ मिलकर जनभागीदारी के साथ बीज उत्पादन हेतु जागरूकता लाने पर जोर दिया। जिला संभागीय अधिकारी कृषि अभियांत्रिकी एस. के. चैरसिया तथा श्री राणा ने कहा कि फार्म मशीनरी द्वारा धान एवं अन्य फसलों की बोनी एवं कटाई हेतु कृषकों को प्रेरित किया जाये। बैठक के दौरान उपस्थित अन्य सदस्यों एवं विभागाध्यक्ष उद्यान विभाग एस. के. पाण्डे एवं विभागाध्यक्ष कीटशास्त्र डाॅ. एस. व्ही. दास एवं विष्वविद्यालय के सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी डाॅ. शेखर सिंह बघेल ने बैठक में अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में कुलपति डाॅ. प्रदीप कुमार बिसेन एवं अतिथिगणों द्वारा कृषि साहित्य का विमोचन भी किया गया साथ ही उद्यमियों द्वारा तैयार आॅवला के मूल्य संबंधित उत्पाद, मशरूम का ड्राय पाउडर आदि का प्रदर्शन किया गया। जिले के अन्य विभागों के प्रतिनिधि के रूप में डी. डी. एम. नबार्ड अपूर्व गुप्ता, श्रीमति नविता उड़कुड़े, सृष्टि सिंह, राष्ट्रीय बीज निगम। एन. जी. ओ. प्रतिनिधि कु. ममता सिंह, महेन्द्र सिंह, कृषक उत्पादक संगठनों के सी. ई. ओ. हरिशंकर तिवारी, कृषि उद्यमी संजय गुप्ता, वर्षा हजारी, अंजली हजारी, एग्रो. इण्डस्ट्री से अभिषेक शर्मा, अजीत कृपाल साहू सहित जिले के प्रगतिशील कृषक गेदालाल कुशवाहा, रामफल झारिया, किशनलाल आदि सम्मानीय सदस्यों द्वारा आगामी खरीफ कृषि कार्य हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिये है। कार्यक्रम के सफल संचालन में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डाॅ. डी.के. सिंह, डाॅ. ए. के. सिंह, डाॅ. यतिराज खरे, डाॅ. नीलू विश्वकर्मा, डाॅ. नितिन सिंघई, डाॅ. अक्षता तोमर, डाॅ. निहारिका शुक्ला, डाॅ. पूजा चतुर्वेदी एवं डाॅ. नेहा शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. नितिन सिंघई एवं आभार प्रदर्शन डाॅ. डी. के. सिंह के द्वारा किया गया।


