कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल लें सलाह

मण्डला। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रीनाथ सिंह ने कोरोना वायरस नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए एडवाइजरी जारी की है। कोरोना एक नवीन संक्रामक वायरस है जो चीन के वुहान जिले में दिसम्बर 2019 में पहचाना गया था। यह मुख्यतः श्वसन तंत्र नाक, कान, गला एवं फेफडे आदि को प्रभावित करके सांस लेने में परेशानी उत्पन्न करता है।
जिन लोगों ने पिछले 14 दिन के उपरान्त विदेश यात्रा की है। विदेश यात्रा से लौटे व्यक्तियों के परिवार के लोग, विदेश से लौटे लोगों के संपर्क में आने वाले लोग, उन राज्यो से आने वाले लोग जहां कोरोना संक्रमण अधिक फैल चुका है। कोरोना से प्रभावित होने वाले संवेदनशील लोगों में प्रायः कोरोना संक्रमण 80 प्रतिशत व्यक्तियों में हल्के लक्षण दिखाकर पूर्णतः चला जाता है। किन्तु संवेदनशील व्यक्तियों में जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है उनमें गंभीर संक्रमण का खतरा अधिक होता है। जैसे- बुजुर्ग, 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं एवं छोटे बच्चे, उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी समस्याएं, श्वसन संबंधी रोग, दमा, कैंसर एवं मधुमेह ।
संक्रमित व्यक्ति के खुली जगह में छींकने या खांसने, लार की बूंदों के द्वारा, स्वस्थ्य व्यक्ति जब बिना हाथ धोंए नाक, मुंह एवं आंख को छूता है, संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने, गले लगने या निकट संपर्क में आने से फैलता है, एक बिना लक्षण वाला व्यक्ति संक्रमित व्यक्ति भी दूसरों को संक्रमित कर सकता है। अतः सभी से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखना चाहिए। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले सभी सतह जैसे- टेबल, कुर्सी, कलम, सेलफोन, व बर्तन आदि वायरस से संक्रमित हो सकते है। वायरस छेद युक्त सतह जैसे- कागज, लकडी, कपडा, पुट्ठा, स्पंज आदि पर वायरस 8-10 घंटे जीवित रह सकता है। गैर छेद युक्त सतह जैसे- कांच, प्लास्टिक, वार्निस पेंट, मेटल आदि पर संक्रमण 10 घंटे से ज्यादा देर तक जीवित रह सकता है।
तेज बुखार, सिर दर्द, सर्दी जुकाम, सुखी खांसी, गले में खरास, सीने में जकडन, सांस लेने में तकलीफ, उपरोक्त लक्षणों से यदि कोई भी लक्षण व्यक्ति में दिखाई देने पर नजदीकि स्वास्थ्य केन्द्र या होम आइशोलेशन को अपनाना चाहिए।
व्यक्ति एक अलग कमरे में रहें, जो हवादार एवं स्वच्छ हो, परिवार के अन्य सदस्यों के निकट संपर्क में न जाए, घर के साझा स्थान जैसे – किचन, हॉल इत्यादि का प्रयोग कम करें, भीड वाले स्थान में न जाए, इधर-उधर न छींके/थूकें, बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोंए, खांसते या छींकते समय मुंह को ढकने के रूमाल एवं गमछा का प्रयोग करें, जिसे बाद में साबुन या वाशिंग पावडर से धोंए, बार-बार अपना चेहरा नाक या आंखे न छुए, घर में अतिथी एवं अन्य बाहरी व्यक्तियों को आमंत्रित न करें।
कोरोना से बचाव के लिए सामुहिक दूरी का पालन करते हुए लगभग एक मीटर की दूरी बनाकर रखें, संक्रमित व्यक्ति के निकट आने से बचे, दिन में साबुन पानी से नियमित हाथ धोंए, संक्रमित सतह के संपर्क में आने के बाद मुंह, आंख, नाक न छुए, खांसते छींकते वक्त मुंह को रूमाल या कपड़े से ढंके। कोरोना संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई देने पर घर से बाहर न निकले व चिकित्सकीय सलाह लें, दिन में दो-तीन बार भाप ले ताकि श्वसन तंत्र का रूंधापन कम हो, पर्याप्त पानी पिएं व आराम करें, बार-बार साबुन व पानी से हाथ धोने पर संक्रमण फैलने का खतरा कम होता है, केवल डॉक्टर के परामर्श से ही दवाएं लें। किसी भी प्रकार के कोरोना लक्षण दिखाई देने पर 07642-251079 तथा 104 पर संपर्क करें।



