सत्कर्म ही करते हैं ह्रदय में श्रीहरि के दर्शन : स्वामी अशोकानंद

जबलपुर दर्पण। सत कर्मों के उदय से भगवान का प्रादुर्भाव धरती पर होता है । सनातनी परंपरा का पालन करते हुए श्रीहरि के अंतर्रात्मा में दर्शन करने से जीव को अंत में धरा पर ही संपूर्ण जगत का सुख समृद्धि प्राप्त होता है। नारायण की कृपा से ही बालकों में गोपाल के दर्शन होते हैं।श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करने से समस्त व्यधियो का नाश होता है।
उक्त उद्गार नर्मदा मैया के तट पर भागवताचार्य स्वामी अशोकानंद जी महाराज ने श्री भक्ति धाम सेवा समिति, भागवत सेवा समिती के तत्वावधान में भक्ति धाम ग्वारीघाट में श्रीमद्भागवत कथा में पितृ पक्ष के चतुर्थ दिवस , श्रीकृष्ण जन्म में कहे।
श्रीमद्भागवत पुराण, महाराज जी का पूजन अर्चन आरती पं वेदांत शर्मा, अरूण शर्मा, पप्पू लालवानी, विजय पंजवानी, उमेश पारवानी, घनश्याम, जगदीश दीवान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त जनों की उपस्थिति रही। आज श्रीमद्भागवत कथा सायं 4 बजे से प्रारंभ होगी।



