शाला भवनों का जीर्णोद्धार कब होगा…?

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के संरक्षक दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया गया कि जबलपुर जिले में शहरी एवं ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में अनेक स्कूल ऐसे भवनों में संचालित हो रहे हैँ जो जर्ज़र स्थिति में हैँ इसके अलावा कई स्थानों पर स्कूल के बच्चे जो देश के कर्णधार हैँ पेड़ के नीचे पढ़ रहे हैँ। बरगी परिक्षेत्र के ई जी एस, पिंडरई, संकुल हाई स्कूल डगडगा हिनौता में स्कूल पेड़ के नीचे लग रहा है क्योंकि बिल्डिंग क्षतिग्रस्त है शाला प्रभारी के द्वारा अनेको बार फोटो, वीडियो सहित जिम्मेदार सक्षम अधिकारीयों को अवगत कराया पर उनके कान में जुँ तक नहीं रेंगी। ऐसे ही हालात शहरी स्कूलों में भी है उदाहरण शासकीय कन्या शाला, दीक्षितपूरा का शाला भवन जर्ज़र है उसे मरम्मत की अति आवश्यकता है, शाला परिसर में झाड़ियों ने डेरा डाल लिया है। कमरों में सीपेज़ और दुर्गन्ध का आलम है नौनिहालों की जान का खतरा है पानी से बचने के लिए पॉलीथिन लगाकर काम चलाया जा रहा है। मरम्मत के लिए राशि जारी नहीं की गयी। उपयंत्रीयों द्वारा स्टीमेट नहीं बनवाया गया, नये शाला भवन निर्माण हेतु प्रपोजल नहीं बनाया गया केवल खानापूर्ति कागजों पर हो रही है जिम्मेदार मौन धारण किये है। सबसे बड़ी बात कि हर क्षेत्र में सी ए सी, बी ए सी,बी आर सी निरीक्षण कर क्या डी पी सी,आर ऍम एस ए को जानकारी नहीं देते और यदि लिखित जानकारी सक्षम अधिकारीयों को दी गयी तो अब तक उचित कदम क्यों नहीं उठाया गया।



