17 अप्रैल से कपुरी कोठार भरतपुर में होगा श्रीराम कथा का आयोजन

सीधी जबलपुर दर्पण । जिले के जनपद पंचायत रामपुर नैकिन के अंतर्गत अर्जुन नगर तिराहे के पास कपुरी कोठार भरतपुर में 17 दिसंबर से 25 दिसंबर तक श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन समिति सकल समाज वरिष्ट नागरिक सेवा समिति भरतपुर सीधी के द्वारा सैकड़ों भक्तजनों की उपस्थिति में 7 दिसंबर को कार्यक्रम स्थल पर ध्वज स्थापित किया गया। पहली बार कपुरी कोठार भरतपुर में इतना विशाल धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। जिसमें पूर्व जनपद अध्यक्ष रामपुर नैकिन एवं वरिष्ट संविदाकार कृष्णदेव केडी सिंह, समाजसेवी अनोखेलाल सिंह सगौनी एवं आयोजन समिति के सभी सदस्यों का अनुकरणीय सहयोग मिल रहा है। भरतपुर अंचल के प्रबुद्धजन, भक्तगण, व्यापारी, किसान आदि हर वर्ग के लोग अपने-अपने स्तर से यथासंभव श्रीराम कथा के आयोजन में सहयोग एवं मदद कर रहे हैं। कथावाचक मुरलीधर जी महराज जोधपुर राजस्थान अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कथावाचक हैं और उनकी कथाएं बड़े-बड़े शहरों में होती है। पहली बार गांव स्तर में कथा करने आ रहे हैं। ग्राम सगौनी निवासी अनोखेलाल सिंह परिहार लंबे अरसे से मुरलीधर महराज से जुडे हुए हैं और उन्हीं के प्रयासों से मुरलीधर महराज ने समय दिया है। श्रीराम कथा को लेकर क्षेत्र के भक्तजनों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए आयोजन समिति के वरिष्ट सदस्य रावेन्द्र सिंह मिन्टू ने बताया कि श्रीराम कथा का आयोजन 17 दिसंबर से 25 दिसंबर तक किया जाएगा। जिसमें कलश यात्रा 17 सितंबर को और विशाल भंडारा 25 दिसंबर को किया जाएगा। संगीतमय रामकथा का आयोजन दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक किया जाएगा। ठंड के मौसम को देखते हुए एवं लोगों की खेती-किसानी का समय को देखते हुए दोपहर 12 बजे से कथा का समय निर्धारित किया गया है। जिससे ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण जन व भक्तगण श्रीराम कथा का श्रवण कर सकें। कार्यक्रम स्थल में पताखा स्थापना के दौरान भरतपुर के प्रतिष्ठित शीवेन्द्र सिंह (संत जी), उमेश सिंह, प्रदीप सिंह, रामलखन कोरी, केशव प्रसाद पाण्डेय, सुरेश उपध्याय, सुरेश सिंह, राजेश सिंह, बलकरण पाण्डेय, गोविंद गुप्ता, पीके गुप्ता, नारायण द्विवेदी, मातेश्वरी प्रसाद शर्मा, सतीष सिंह, पंकज सिंह, अनोखेलाल सिंह, रावेन्द्र सिंह, शशिभूषण तिवारी, रजनीश गुप्ता, लवकुश गर्ग, आचार्य ललित पाण्डेय, जीतेन्द्र सिंह, फतेबहादुर सिंह, आचार्य डॉ. अवनीश पाण्डेय, हनुमान प्रसाद मिश्र, श्यामबिहारी सिंह, रामलखन कुशवाहा, श्रीमती अंजूमाला सिंह, श्रीमती साधना सिंह, सुधाकर द्विवेदी, विष्णु सिंह, धर्मेन्द्र तिवारी आदि उपस्थित रहे।



