मध्य प्रदेशसतना दर्पण

रोड ना होने पर 250 ग्रामीणों ने राष्ट्रपति से मांगी इच्छा मृत्यु

सवांददाता जयदेव विश्वकर्मा सतना

रामनगर – रामनगर तहसील के करौंदी कोलहाई खारा बड़ा इटमा जजनगरा ग्राम के ग्रामीणों ने आवागमन के लिए रास्ता नही होने से व्यथित होकर ट्विटर एवं राष्ट्रपति कार्यालय के पोर्टल में आवेदन कर सामुहिक इच्छा मृत्यु की मांग की है बता दे दो दिन पूर्व में करौंदी निवासी राजभान विश्वकर्मा ने दो माह से ट्रांसफार्मर जला होने साथ ही आवागमन की रास्ता नही होने पर राष्ट्रपति कार्यालय में आवेदन कर इच्छा मृत्यु की मांग की थी मांग कर रहे ग्रामीणों की अगुआई करने वाले सुभाष पाण्डेय ने बताया हम सभी ग्रामीणों द्वारा अनेकों बार आवेदन ज्ञापन के माध्यम से रोड की मांग की गई लेकिन शासन प्रशासन से झूठे आश्वासन के अलावा कुछ नही मिला है हमे रोड के आड़ में जनप्रतिनिधियों के द्वारा ठगा जा रहा है हमारी उम्मीदें अब शासन प्रशासन से टूट चुकी है मात्र 9 डिसमिल जमीन का अधिग्रहण नही होने की बजह से सभी सुविधाओं से बंचित है घुट घुट के मरने से अच्छा है अपने प्राण त्याग दे एक ही दिन का कष्ठ होगा जिस तरह की कार्य प्रणाली है वैसे में कोई आधार नही दिख रहे है शासन की पूरी मंशा समझ मे आ रही है इसलिए महामहिम राष्ट्रपति जी अनुमति दे

मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी नही खुली रोड

बता दे पिछले वर्षों में जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान प्रदेश के मुखिया सहित मंत्री प्रशासनिक अधिकारियों के मौजूदगी मे सुभाष पाण्डेय के अगुआई में पांच सैकड़ों ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था अपनी सभी समास्याओं से अवगत कराया था जिसपर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी द्वारा एक माह में रोड खुलवाने का आश्वासन दिया गया गया था महज आश्वासन बस रह गया नही बनी ग्रामीणों की रास्ता साथ ही बिगत सप्ताह पूर्व रोड नही होने की बजह से रामभान के पिता जी मृत्यु सही समय मे उपचार नहीं हो पाने से हो गई है

प्रभावित ग्रामों में 90 फीसदी लोग बाणसागर विस्थापित

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाणसागर बांध निर्माण के दौरान हमे पहले ही बनी बनाई गृहस्ती से अलग किया गया लेकिन हम सभी लोग यहां जैसे तैसे मेहनत मजदूरी करके जीवन यापन कर रहे है लेकिन शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार जैसे मूलभूत सुविधाओं से आज तक बंचित है बांध निर्माण के दौरान हमे बलिदान की भेंट तो चढ़ाया गया लेकिन मूलभूत सुविधाओं से बंचित आज के दौर में भी है
गांव में प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था लेकिन हायर सेकंडरी के लिए गांव से बाहर बच्चों को पढ़ाई के लिए जाना पड़ता खेतो के मेड़ो से राशन दुकान बृद्धा पेंशन के लिए अन्य गांव जाना पड़ता है जिससे आवागमन में असुविधा होती है आज तक भूमि स्वामी होने का पट्टा नही दिया गया जैसे तैसे अपना गुजर बसर कर रहे है

किसानों ने मवेशियों के चारागाह की समास्या बताई

ग्रामो में चारागाह की भूमि के आभाव होने की बजह से एक मात्र करौंदी का जंगल पहाड़ था जहाँ पुस्तैनी से बड़ा इटमा खारा के पशु गौवंश आते जाते रहे लेकिन 25 वर्ष पूर्व आम रास्ता बंद हो जाने से आस पास के गांव में आवारा पशुओं की संख्या बढ़ रही जिससे किसानों की खेती चौपट हो रही अगर रास्ता पुनः चालू हो जाता है तो चरनोई इफरात मात्रा में हो जाएगी जिसमें हम किसानों की खेती में सुविधा होगी आवारा पशुओं की बजह से किसान परिवार अपना प्रमुख्य व्यवसाय खेती छोड़ मजदूरी करने पर बिबस हो गए है
भूतपूर्व सरपंच राकेश पाण्डेय गुड्डा के कार्यकाल में रोड का मुर्मिकरन हुआ था साथ ही राजस्व के नक्शे में लाल श्याही दे रोड को अंकित किया गया था साथ ही आने बाले कार्यकालों के दौरान कुछ भूमियों का अत्यजन की कार्यावाही की गई थी मात्र 9 डिसमिल में अत्यजन की कार्यावाही न होने की बजह से रास्ता अवरुद्ध हो गया है

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