“साहब” पाटन के कॉलोनाईज़र्स के खिलाफ कब करोगे कार्यवाही

पाटन नप्र/जबलपुर दर्पण। जिले में कॉलोनाईज़र्स पर नियम विरुद्ध ढंग से कॉलोनियाँ तानने वाले रसूखदारों के खिलाफ प्रशासन की सख्ती से कॉलोनाइजरों में हड़कंप मचा है। वही जिले की पाटन तहसील के कॉलोनाईज़र्स बेखोप नजर आ रहे है। ऐसा ही एक मामला मौजा पाटन प.ह.न. 24/56 खसरा न 270 रकवा 0.534 का था जिसमें आवासीय कालोनी निर्माण की स्वीकृति के लिए टीएनसीपी न L/18/10-03-21 सुशील कुमार पाण्डेय (गोलू) ज्ञान विजय परिसर पाटन ने अनुमति हेतु आवेदन किया आवासीय कालोनी में पहुंच मार्ग नहीं होने पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था आवेदक द्वारा दिनांक 26/03/2021 को पहुच मार्ग संबंधी जनपद पंचायत का अनुबंध पत्र सौपते ही सम्बन्धित विभागों से अनुमति मिलती गई। शर्तों में स्पष्ट निर्देश था रोड़ या आवासीय कालोनी की भूमि संबंधी विवाद होने पर अनुज्ञा स्वत:निरस्त मानी जाएगी लेकिन बिल्डर्स के द्वारा प्लाट का विक्रय लगातार किया जा रहा है। प्रशासन को जांच कर दोषियों पर कार्यवाही कर आगामी विक्रय के समय होने वाली रजिस्ट्री पर तत्काल रोक लगाना चाहिए।
आवासीय परिसर की रोड़ संबंधी विवाद:- साजिश के तहत जनपद पंचायत पाटन के पत्र क्र 1589, सुशील पाण्डे को रोड़ निर्माण की अनुमति दी,जपं पाटन के स्वामित की भूमि खसरा न 269/2 दिनांक 07/09/20 को स्टांप पर वर्क एग्रीमेंट कराया गया लेकिन आज उक्त भूमि श्री शंकर जी महाराज ट्रस्ट के नाम पर दर्ज है। यह गोल माल कैसे हुआ इस पर सभी जवाबदार अधिकारी मौन साधे है।
परिसर के प्लाट खरीदारों की प्रशासन से गुहार :- परिसर के लगभग 95% प्लाट विक्रय किए जा चुके है। आवासीय परिसर की रोड़ संबंधी विवाद ने प्लाट खरीदारों की नीद उड़ा दी है जिनने अपनी जीवन भर की जमा पूजी से प्लाट खरीदे थे, जिला कलेक्टर को स्वत:संज्ञान लेकर उच्च स्तरीय जांच कराकर इस प्रकरण में जो भी दोषी पाए जाते है उन पर सक्त कार्यवाही करे जिससे खुदका मकान बनाने का सपना सजोए व्यक्ति को ठगी का शिकार होने से बचाया जा सके।
जब इस संबंध में कॉलोनाईज़र्स सुशील पाण्डेय से बात की गई तो उनका कहना था कि वह रोड़ की भूमि जनपद पंचायत पाटन के नाम पर थी, पता नहीं श्री शंकर जी महाराज ट्रस्ट के नाम पर कैसे आ गई। हम से बेहतर पाटन के अधिकारी आपको बता पाएंगे।



