जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

जनेकृविवि के कुलपति का राष्ट्रीय स्तर की समिति हेतु हुआ चयन

जबलपुर दर्पण। देश के प्रधानमंत्री द्वारा किसानों के हितार्थ जीरो बजट आधारित खेती को बढ़ावा देने व बदलती आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर, फसल विविधीकरण के साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम. एस. पी.) को अधिक प्रभावी तथा पारदर्षी बनाने के लिये राष्ट्रीय स्तर पर एक समिति का गठन किया गया है। संस्कारधानी के सबसे महत्वपूर्ण जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति डाॅ. प्रदीप कुमार बिसेन का चयन महाकौशल ही नहीं अपितु मध्यप्रदेष के कृषकों व कृषि परिवार हेतु गौरव की बात है। डाॅ. बिसेन का चयन, देष के प्रधानमंत्री की अनुशंसा द्वारा समिति में सम्पूर्ण राष्ट्र से कृषि विष्वविद्यालय के वैज्ञानिकों में चयनित किया गया है। गौरतलब है कि डाॅ. पी. के. बिसेन, ख्यातिलब्ध अर्थषास्त्री के साथ ही, वर्तमान में जवाहरलाल नेहरू कृषि विष्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति हैं। आप कृषक पुत्र हैं एवं खेती किसानी के हर पहलु से संजीव नाता है, इसके साथ ही 4 दषकों से अधिक कृषि षिक्षा, कृषि अनुसंधान एवं कृषि विस्तार का गहरा अनुभव है। आपको किसानों के हितार्थ निरन्तर कार्य करने के फलस्वरूप अनेक राष्ट्रीय स्तर के सम्मान व अवार्ड प्रदान किये जा चुके हैं।
भारत के राजपत्र में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के महत्वपूर्ण विषय जैसे एम. एस. पी., प्राकृतिक खेती एवं फसल विविधीकरण पर राष्ट्रीय स्तर समिति द्वारा अति महत्वपूर्ण सुझाव व उपाय बताये जायेंगे। राष्ट्रीय स्तर की समिति में चयनित होने पर महाकौषल ही नहीं अपितु सम्पूर्ण कृषि संगठन, अन्नदाता कृषकों में हर्ष व्याप्त है। कुलपति डाॅ. बिसेन देष के किसानों के लिए एम.एस. पी. के बेहतर सुझाव, कृषि लागत एवं मूल्य आयोग को बेहतर व व्यावहारिक बनाने के उपाय, कृषि विपणन पद्धति को सुदृढ़ व सरल बनाने महत्वपूर्ण समाधान के साथ ही प्राकृतिक खेती , कृषक संगठन के सुझाव को षामिल कर योजनायें, षोध, कृषि विज्ञान केन्द्रों को ज्ञान केन्द्र बनाने एवं विश्वविद्यालय व अन्य षैक्षणिक संस्थानों में प्राकृतिक खेती षिक्षा प्रणाली तथा कौषल की षुरूआत हेतु कार्य नीतियां व सुझाव के साथ ही उत्पादों के जैविक प्रमाणीकरण के लिये प्रयोगषाला श्रृंखला, फसल विविधीकरण हेतु कार्य नीति, लाभकारी मूल्य आदि विषयों पर एवं किसानों की ज्वलंत समस्याओं के निदान के लिए कृषकों की बातों को भारत सरकार तक पहुंचायेंगे व देष के किसानों की उत्तरोत्तर उन्नति, प्रगति, समृद्धि व सम्पन्नता हेतु कार्य करेगें। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के समस्त अधिष्ठाता, संचालक, कुलसचिव, लेखानियंत्रक सहित सभी विभागाध्यक्ष और प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राओं द्वारा बधाई प्रेषित की गई।

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