कौशल विकास के स्टोनोग्राफरों को नहीं मिल रहा समयमान वेतनमानस्टेनोग्राफर समयमान वेतनमान से वंचित- शासन की अनदेखी

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि कौषल विकास संचालनालय मध्य प्रदेष के अन्तर्गत कार्यरत ऐसे स्टेनोग्राफर जो स्टेनोटायपिस्ट से पदोन्नत हुए है, अब तक समयमान वेतनमान से वंचित है। बिना समयमान वेतनमान एवं बिना पदोन्नति प्राप्त किये ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे इन्हे लगातार आर्थिक क्षति एवं मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ रहा है जबकि शासन की नीति के अनुसार प्रत्येक अधिकारी/कर्मचारी को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय समयमान वेतनमान दिए जाने के स्पष्ट आदेष हैं। परंतु स्टेनोटायपिस्ट से पदोन्नत स्टेनोग्राफरों को समयमान वेतनमान नहीं मिल रहा है जिससे उनमें रोष व्याप्त है।
संघ ने आगे बताया कि जिस प्रकार मंत्रालयीन स्टेनोटायपिस्टों को मध्य प्रदेष शासन वित्त विभाग के आदेष क्रमांक 11-11/2013/नियम/चार दिनांक 24 सितम्बर 2013 द्वारा पृथक से जारी आदेष अनुसार समयमान वेतनमान दिया जा रहा है उसी प्रकार कौषल विकास संचालनालय के अन्तर्गत पदस्थ स्टेनोटायपिस्ट से पदोन्नत स्टेनोग्राफरों को भी समयमान वेतनमान प्रदान किया जाना चाहिए।
संघ के जिलाध्यक्ष हेमंत ठाकरे, राकेश श्रीवास, दिनेश गौड़ , शहीर मुमताज, स्टेनली नारबर्ड , राजकुमार यादव, आर.पी.खनाल, प्रदीप पटेल, एस.बी.रजक, डी.आर.बेलवंषी, नीलेष खरे, अनूप डाहट, संदीप दुबे, योगेष ठाकरे, अषोक परस्ते, महेन्द्र प्रधान, राजू डहरिया, अनूप सिंह मरकाम, वीरेन्द्र श्रीवास, मुन्नालाल कतिया, गुडविन चाल्र्स, गोपीषाह, एनोस विक्टर, रऊफ खान, रामकुमार कतिया, राजेष सहारिया, चैतन्य कुषरे, आषीष कोरी आदि ने मध्य प्रदेष शासन वित्त विभाग से मांग की है कि कौषल विकास के स्टेनोग्राफरों हेतु समयमान वेतनमान हेतु प्रथक से आदेष शीघ्र जारी किये जांए।



