गांव गांव,नगर नगर खुली शराब दुकानें,जिम्मेदार मौन

पाटन, जबलपुर दर्पण। पाटन नगर के प्रत्येक वार्ड एवं लगभग हर गांव में इन दिनों अवैध शराब दुकानों की क्षेत्र में भरमार हैं। देशी शराब दुकान तो नगर के हर अंडे ठेलों में लगी है। साथ ही नगर परिषद् क्षेत्र के हर वार्ड में अवैध शराब बेची जा रही है। तहसील के गांव भी इस समस्या से अछूते नहीं हैं। तहसील के हर गांव में पुलिस के संरक्षण में अवैध शराब बेची जा रही है। शराब खोरी से सबसे ज्यादा महिलाए परेशान है। गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार जिम्मेदारो की मिली भगत से ही पाटन मझौली विधान सभा के पाटन नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में अवैध शराब का धंधा फल फूल रहा है। शराब दुकान के 220 मीटर के नियम को धता बताकर आबकारी विभाग 50 मीटर के दायरे के नियम पर अड़ा बैठा है। प्रशासनिक अमले के साथ ही विधायक अजय विश्नोई का मौन धारण करना कई संदेहों को जन्म दे रहा है।
शराब दुकानों से समाज पर पडा बुरा प्रभाव :- स्टेट हाईवे, स्कूल, कालेज, मंदिर और शैक्षणिक संस्थानों के 50 मीटर के दायरे में शराब दुकान नहीं खुलेगी। हकीकत में यह आबकारी विभाग का नियम नहीं जानता के साथ किया जाने वाला धोखा है। एक-एक मीटर की दूरी भले ही आबकारी के ईमानदार अफसर नापकर बैठे हों, लेकिन स्टेट हाईवे,स्कूल, कालेज, मंदिरों के आसपास खूब शराब दुकानें खुली हैं। जो 220 मीटर के नियम का पालन नहीं कर रही है। पाटन अंग्रेजी शराब दुकान के सामने से स्कूल के लिए गुजरने वाले छात्र-छात्राएं हमेशा भय के साये में रहते हैं। वही देशी शराब दुकानदार सफेद कट्टियों में देशी शराब रखकर गांव-गांव पहुंचा रहे है। विभाग के जिम्मेदार कुंभकरणीय निद्रा में सो रहे हैं। साथ ही जवाबदार जनप्रतिनिधियों ने भी मौन धारण कर लिया है..!



