अग्निपथ पर तपकर युवा बनेंगे ‘अग्निवीर’

जम्मू एंड कश्मीर रेजिमेंटल सेंटर में शुरू हुआ प्रशिक्षण…
जबलपुर दर्पण। भारतीय सेना में शामिल होना हर युवा का सपना होता है। लेकिन सेना में चयनित होना इतना आसान नही है। अग्निवीर विभिन्न कठिन चयन प्रक्रियाओं को पार कर अग्निपथ योजना के तहत सेना में चयनित हुए हैं।जम्मू एवं कश्मीर राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर जबलपुर में अग्निवीर प्रथम कोर्स का प्रशिक्षण तय कार्यक्रम के अनुसार 1 जनवरी से शुरू हो चुका है। जिसमें पूरे भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों से अग्निवीर भर्ती होकर भारतीय थल सेना में सम्मिलित हुए हैं। अग्निपथ पर चल रहे युवाओं में अग्निवीर बनने उच्च मनोबल के साथ पूरे जोश और उत्साह नजर आया।कर्नल भानुप्रताप सिंह टे्निंग बटालियन कमांडर,जम्मू और कश्मीर राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के मार्गदर्शन से पूरी प्रशिक्षण टीम अग्निवीरों को शारीरिक और युद्ध कौशल का प्रशिक्षण दे रही है। वहीं प्रशिक्षण के साथ – साथ उनके रहन सहन का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। सैनिक की जिंदगी में अनुशासन और प्रशिक्षण अहम भूमिका अदा करते हैंऔर विषम परिस्थितियों एवं चुनौतियों में भी डटे रहकर देश की रक्षा करने में मदद करते हैं।
प्रशिक्षण में बहाया पसीना युद्ध में खून बचाने के काम आता है —
अग्निवीर इस कहावत को भली भांति समझ रहे है कि ‘प्रशिक्षण में बहाया गया पसीना युद्ध के दौरान खून बचाने के काम आता है’। अग्निवीर अपने घर एवं परिवार से दूर रहकर जम्मू एवं कश्मीर राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर जबलपुर में प्रशिक्षण लेकर भारतीय सेना के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने की राह पर अग्रसर है। उनके बुलंद हौसले और युवा जोश प्रशिक्षण के मैदान को सुशोभित कर रहे हैं। सभी अग्निवीर अपना प्रशिक्षण पूरा करने के बाद देश के विभिन्न दुर्गम क्षेत्रों में तैनात अलग अलग यूनिटों में जाकर देश की रक्षा के लिए अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। ब्रिगेडियर राजेश शर्मा ने कहा कि जैसा उत्साह युवाओं में देखा जा रहा है वह काफी अविश्वनीय। ये कुछ करना चाहते हैं। प्रशिक्षण उपरांत ये अव्वल फौजी बनेंगे।



