कृषि विज्ञान केंद्र अन्नदाता किसानों हेतु कृषि तकनीकीक जानकारी हेतु सर्वोत्तम केंद्र-कुलपति

जबलपुर दर्पण। जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. प्रमोद कुमार मिश्रा के मुख्यआतिथ्य एवं संचालक विस्तार सेवायंे डाॅ. दिनकर प्रसाद शर्मा की अध्यक्षता में कृषि विज्ञान केंद्र जबलपुर द्वारा, वैज्ञानिक परामर्श दात्री समिति बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक के मुख्य अतिथि कुलपति डॉ.पी.के. मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, कृषकों की समस्याओं के निराकरण हेतु कार्य कर रहे एवं कृषकों को बेहतर कृषि तकनीकी जानकारी समसामयिक सलाह एवं कृषि कार्यमाला को बनाकर डिजिटल रूप में कृषकों तक पहुंचाने में अपनी महती जिम्मेदारी निभाई है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि प्राकृतिक खेती, जैविक खेती विषय पर वैज्ञानिकों को विभिन्न फसलों पर बेहतर शोध एवं परीक्षण करने के उपरांत सहज एवं सरल भाषा में हमारे अन्नदाता किसानों तक जानकारी प्रदान करना अति आवश्यक है। वैज्ञानिक परामर्श दात्री समिति बैठक में प्रमुख रूप से कस्टम हायरिंग की समस्याओं के समाधान जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, मृदा परीक्षण, सूक्ष्मजीव संख्या की जानकारी हेतु परीक्षण, इंटर क्रॉपिंग, नवीनतम किस्मों का बेहतर उपयोग एवं उत्पादन तकनीक कृषि में कृषि यंत्रों की व्यापक उपयोगिता, पारंपरिक खेती एवं पारंपरिक ज्ञान का प्रशिक्षण के माध्यम से कृषकों के खेतों तक पहुंचाना बायोफोर्टीफाइड किस्मांे में का उपयोग रबि मौसम की प्रमुख फसलें जैसे- मटर, चना, सरसों, धनिया, मूंग, उड़द, प्रजनक बीज, आधार बीज की जानकारी बेहतर कृषि तकनीक का उपयोग हेतु सलाह एवं माइनर मिलेट वर्ष 2023 के अंतर्गत कोदो-कुटकी, सावां, कंगनी आदि फसलों की विभिन्न किस्मों की जानकारी एवं मूल्य संवर्धन एवं बाजार में सही मूल प्राप्ति हेतु विभिन्न प्रकार के उत्पादों की उत्पादन कार्य के साथ ही ड्रोन कैमरे की खेती में बेहतर उपयोगिता नैनो उर्वरकों की आवश्यकता उपयोगिता एवं उनका बेहतर परिणाम हेतु शोध पर विशेष चर्चा एवं मंथन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. डी.के. सिंह एवं आभार प्रदर्शन डॉ. ए. के सिंह, वैज्ञानिक द्वारा किया गया। वैज्ञानिक परामर्श दात्री समिति बैठक में कृषि महाविद्यालय जबलपुर केे अधिष्ठाता डॉ. पी.बी. शर्मा, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी संकाय, डॉ. अतुल श्रीवास्तव, डिप्टी रजिस्ट्रार, डॉ. टी.आर. शर्मा, पौध प्रजनक एवं अनुवांशिकी विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. आर.एस. शुक्ला, पादप रोग विज्ञान विभागाध्यक्ष, डॉ. जयंत भट्ट, कीट शास्त्र विज्ञान विभागाध्यक्ष,डाॅ. एस.बी. दास, उद्यान शास्त्र विज्ञान विभागाध्यक्ष, डॉ. एस. के. पांडे, सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी डॉ शेखर सिंह बघेल, कृषि अभियांत्रिकी विभाग के एस.के. चैरसिया, जिला विकास प्रबंधक, अपूर्व गुप्ता, भू सर्वेक्षण विभाग के डाॅ. व्ही. पी. सिंह, एफ.पी.ओ. हरिशंकर तिवारी, विजय पटेल, महेन्द्र सिंह, प्रगतिशील किसान श्री कालरा के अलावा भी अनेक अधिकारी एवं कृषकों की उपस्थिति रही।



