अनूपपुर दर्पणमध्य प्रदेश

लापरवाह दबंगई प्रभारी से लोग परेशान क्या मंत्री जी करेंगे कार्यवाही?

अनूपपुर मुख्यालय में स्थिति तुलसी महाविद्यालय जब से प्राचार्य परमानंद तिवारी चार्ज लिए हैं तब से यह महाविद्यालय इनके कार्य कलापो से हमेशा सुर्खियों में रहता हैं यह सबसे लापरवाह, मनमाना, दादा प्राचार्य की श्रेणी में विराजमान है। इनका विवादों से हमेशा इनका चोली दामन जैसा संबंध रहा है। इनका छात्र, छात्राओं, अभिवावक, कर्मचारी एवं प्रोफेसर से लगातार किसी न किसी मामले में विवाद होता ही रहता हैं। कॉलेज के विकास और अध्ययन में कम और बाकी क्षेत्रो में काफी अच्छा लगाव रहता हैं इसलिए इनको हमेशा अखबारों में जगह मिलते रहती हैं आज जिले में मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव अनूपपुर जिले के जिले के कई कार्यक्रमो में शिरकत करेंगे जिला मुख्यालय में स्थिति तुलसी महाविद्यालय में पदस्थ प्रभारी प्राचार्य परमानंद तिवारी जो कई वर्षों से महाविद्यालय में पदस्थ हैं इनके कार्यकाल में कॉलेज का विकास कम विनाश ज्यादा हुआ है इनके नाजायज दबंगई कार्यशैली से छात्र, छात्राएं, अभिवावक, कर्मचारी एवं प्रोफेसर सभी लोग नाखुश रहते हैं जो विरोध करता हैं उनको ये तरह तरह की धमकी देकर शांत करा दिया जाता हैं, लोगो की मजबूरी रहती हैं कि तालाब में रहकर मगरमच्छ से बैर करना तो नुकसान जरूर उठाना पड़ सकता हैं। लोग इनके खिलाफ आवाज उठाने में डरते हैं। आज लोगो के लिए एक अच्छा मौका है उच्च शिक्षा मंत्री आज अनूपपुर में है इनसे प्रताड़ित लोग शिकायत करके कार्यवाही करवा सकते है।

मंत्री जी करेंगे कार्यवाही-आज जिले में मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री ड़ॉ मोहन यादव का आगमन हो रहा है तो प्राचार्य से प्रताड़ित लोगो को लापरवाह प्राचार्य से तुलसी कॉलेज को निजात मिलेगी या ये अपनी पहुँच का फायदा यहाँ भी उठा पाएंगे या नही मंत्री जी से शिकायत लोग करते है या मंत्री जी खबरों के संज्ञान लेकर कार्यवाही करते है या इनको खुलेरूप से दबंग प्राचार्य का तमगा देकर इनको इसी पद पर छोड़ आशीर्वाद देकर चले जाते है।

अभद्र भाषा और हाथ पैर चलाने में माहिर-तुलसी महाविद्यालय में प्राचार्य परमानंद तिवारी को छात्र छात्राओं, अभिवावक से किसी न किसी बात को लेकर भिड़ते आ रहे है कुछ समय पहले छात्र छात्राएं अपनी कुछ मांगो को लेकर कॉलेज के बाहर परिसर में विरोध और नारे बाजी कर रहे थे। जो इनको नागवार गुजरा और कॉलेज से बाहर सुरक्षा गार्ड के साथ तू तू मैं मैं करने लगे और प्राचार्य महोदय छात्र छात्राओं से अभद्र भाषा का उपयोग कर धक्का मुक्की और मारपीट करने लगे जिसकी वीडियो सोशल मीडिया कई बार वायरल हो चुकी हैं जब इनका मन पड़ता हैं पुलिस और कानून ये खुद अपने हाथ मे लेकर प्राचार्य जैसे प्रतिष्ठित पद को दाग लगाने में कोई कसर नही छोड़ते कई बार छात्र छात्राओं के अविभावक, कॉलेज के कर्मचारी प्रोफेसर से भी भिड़ जाते है।

बात बात में खो देते हैं आपा-महाविद्यालय के प्राचार्य हमेशा बात करते करते अचानके बातो बातो में आपा खो देते हैं अगर इनसे कोई नही डरा तो उस पर बरसात की भांति अचानक बरस पड़ते है। और धमकी देने लगते की मेरा कोई कुछ नही बिगाड़ सकता जो मैं चाहूँगा वही करूंगा जिसको जो करना हो जहाँ शिकायत करना हो कर दे मुझे कुछ फर्क नही पड़ने वाला मेरी पहुँच बहुत ऊपर तक हैं।

कलेक्टर ने जारी किया था नोटिस-इनका अच्छे कार्यों में मन बिल्कुल नही लगता सारे कार्य पूर्ण लापरवाही से करने की महारत हासिल है। जिसका पता इस बात से ही लगता हैं कि वैक्सिनेशन प्रोगाम में लापरवाही बरतने पर अनूपपुर कलेक्टर ने इनको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था उसके बाद भी ये कहा सुधरने वाले बस मेरी मुर्गी के 3 टांग वाली कहावत वाली बातों पर विश्वास करते हैं और सभी लोगो पर लागू करने की कोशिश करते हैं।

जनभागीदारी मद दुरूपयोग-परमानंद तिवारी शासन के कार्यो के प्रति हमेशा लापरवाह ही दिखे है, यह केवल अपने आर्थिक लाभों वालो कार्य ही करवाना ज्यादा पसंद करते है,इन दिनों कॉलेज में जनभागीदारी के बजट को खपाने के लिए अनावश्यक निर्माण कार्य जोर शोर से करवाया जा रहा है जिस कार्य की आवश्यकता नही हैं उन कार्यो को मनमाने ढंग से करवाकर महाविद्यालय के जन भागीदारी मद का दुरूपयोग करके धन कमाने का कार्य कर रहे है। बिना निविदा जारी किए बिना ही सारे कार्य धड़ल्ले से नियम विरुद्ध करवा रहे है अगर कोई इस मामले में कोई टांग अड़ाने की कोशिश करता है तो उसे फिल्मी स्टाइल में धमकी दे दी जाती हैं। जब कि जन भागीदारी के मद का उपयोग कॉलेज के विकास कार्यो के लिए किया जाना है।

बैनर पोस्टर और फोटो में माहिर-हमेशा सुर्खियों में बने रहने के लिए बड़े बड़े बैनर पोस्टर और अखबारों में ढकोसले बाजी दिखा कर आम जन के सामने बड़े ही अपने आप को हर कार्यो मे दक्ष समझने वाले परमानंद तिवारी की शासकीय कार्यो के प्रति रुचि न लेने इस कलेक्टर की नोटिस ने सारी पोल खोल के रख दी है।

तुगलकी फरमान-अभी महाविद्यालय में कुछ दिन पहले एक तुगलकी फरमान जारी कर दिए कि जो छात्र छात्रा वैक्सीन लगवाने के प्रमाण पत्र लेकर कॉलेज नही आएगा उसका कोई भी कार्य महाविद्यालय में नही होगा। जिससे छात्र छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जब कि कॉलेज के इनके चहेते प्रोफेसर और कर्मचारी बिना वैक्सीन लगवाए कॉलेज के अंदर सारे कार्य करते नजर आ रहे है और जिन कर्मचारियों से इनकी नही बनती उनको धमकी देकर पेमेंट काटने की धमकी देकर वैक्सीन लगवा दिया गया। एक आदेश और जारी हुआ था कि कॉलेज परिसर में किसी भी छात्र छात्राओं को नो मास्क नो एंट्री जब कि कॉलेज के अंदर ही बिना मास्क के कर्मचारियों को कार्य करते देखा जा रहा है।दोहरा कानून कैसे लागू कर सकते है।

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