जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

निष्कामभाव से ही करेंधार्मिक वैदिक अनुष्ठान: स्वामी अशोकानंद

जबलपुर दर्पण। भगवती महादेव की आराधना से मनुष्य के जीवन में आनंद की अनुभूति होती है।
लोभ और विशिष्ट प्राप्ति की आशा से किया गया धार्मिक वैदिक अनुष्ठान में सुफल मनोरथ की प्राप्ति नहीं होती इसलिए निष्कामभाव से धार्मिक कार्यों को करना चाहिए । विध्वंस रोग शोक में ईश्वर को याद करने से अच्छा है नित्य प्रति प्रभु स्मरण करें तो कभी दुःख दर्द जीवन में आयेंगे ही नहीं। स्वंय अनियंत्रित होना ही हिंसा है। भगवान शिव के बनाये अनुशासन को तोड़ने वाला दंड का अधिकारी होता है। उक्त उद्गार स्वामी अशोकानंद जी महाराज ने माघ मास के पुनीत पावन अवसर पर श्री मुख से घड़ी चौक, विजय नगर जबलपुर में श्रीमद्भागवत का महाराज जी ने व्यासपीठ से भागवत कथा श्रवण कराई।
श्रीमद्भागवत कथा पुराण सप्ताह के तृतीय दिवस चंद्रा परियानी,
मुख्य यजमान अशोक मंजू परियानी, महेश भावना परियानी से श्रीमद्भागवत पुराण, व्यासपीठ का पूजन अर्चन आरती सुरेश आसवानी, सुधीर भागचंदानी, विध्येश भापकर, जगदीश दीवान,आचार्य आशीष महाराज, पुष्पराज तिवारी , विजय पंजवानी, पार्थ, निखिल, जसिका, कविशसहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त जनों की उपस्थिति रही।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88