बांग्लादेश निवासी बिना वैध वीजा,पासपोर्ट के पाये जाने पर न्यायालय ने सुनाई सजा

सीधी जबलपुर दर्पण । बांग्लादेश निवासी को बिना वैध वीजा एवं पासपोर्ट के सीधी जिले में पाये जाने पर न्यायालय ने 1 वर्ष की सजा सुनाई। बताया गया कि दिनांक 23 अगस्त 2024 को सरकार ढ़ाबे के मालिक द्वारा सूचना दी गई कि अनजान व्यक्ति उसके ढ़ाबे में खाना लेने आया है जो यहां की भाषा से बात नहीं कर रहा है। उक्त सूचना पर उपनिरीक्षक विशाल शर्मा सरकार ढ़ाबा पहुंचकर संदिग्ध व्यक्ति से पूंछताछ की गई एवं उससे उसके वैध परिचय पत्र प्रस्तुत करने हेतु कहा गया, जिसके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया तथा यहां की भाषा भी नहीं बोल पा रहा था जिसे थाना लाकर एक बंगाली डाक्टर को बुलाकर संदिग्ध व्यक्ति से पूंछताछ की गई जो अपना नाम रहुल अमीन ढाली पिता समद ढाली, उम्र 38 वर्ष निवासी बांग्लादेश का होना बताया। अभियुक्त से बंगाली ट्रांसलेटर को साथ लाकर पूंछताछ की गई तथा उसका भारत में आने व रूकने के संबंध में वीजा, पासपोर्ट मांगा गया तो उसके पास कोई वैध वीजा, पासपोर्ट, परिचय पत्र प्रस्तुत नहीं किया। जिस पर से अभियुक्त रहुल अमीन ढाली के विरुद्ध थाना जमोड़ी सीधी में अपराध क्रमांक 526/2024 के अंतर्गत धारा 12 पासपोर्ट अधिनियम 1967 एवं धारा 14, 14 ए विदेशियों विषयक अधिनियम 1946 का अपराध पंजीबद्ध किया गया। अभियुक्त सीधी जिले के थाना जमोड़ी के अंतर्गत आने वाले ग्राम पडऱा सरकार ढाबे पर बांग्लादेश के निवासी/नागरिक होते हुए बिना वैध प्रभावशील परमिट एवं वीजा के भारत देश के मध्य प्रदेश राज्य के सीधी जिले में स्थित ग्राम पडऱा में सरकार ढाबे में मौजूद पाया गया था। प्रकरण से संबंधित अनुसंधान कार्यवाही पूर्ण कर अभियुक्त के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जिसके न्यायालयीन प्र.क्र.1019/2024 में शासन की ओर से सशक्ते पैरवी करते हुए सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुश्री आसिता मिश्रा के द्वारा अभियुक्त को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। परिणामस्वरूप न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीधी की न्यायालय के द्वारा अभियुक्त रहुल अमीन ढाली तनय समद ढाली उम्र 38 वर्ष निवासी चरूधनकटी, पोस्ट कनेश्वर बजाय, जिला शरियतपुर, बांग्लादेश को धारा 14(ग) विदेशियों विषयक अधिनियम में 1 वर्ष के साधारण कारावास से तथा 100 रुपये एक सौ रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया तथा अर्थदण्ड की राशि के व्यतिक्रम पर अभियुक्त को पृथक से 7 दिवस का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगताये जाने का दण्डादेश पारित किया गया।



