बेरंग जिंदगियों को सतरंगी बनाने में सहायक होगी नवजीवन पत्रिका

जबलपुर दर्पण। एकाकी जीवन से थक हारकर, बेरंग जिंदगी को एक बोझ की तरह ढो रहे, निराशा और हताशा से ग्रस्त विधवा-विधुर,तलाक शुदा और परित्यक्ता लोगों को पुनः परिणय सूत्र में बांधकर उनके जीवन को एक बार पुनः सतरंगी बनाने में ब्राह्मण संस्कार महासभा द्वारा प्रकाशित ‘ नव जीवन ‘ पत्रिका सहायक सिद्ध होगी।ब्राह्मण समाज का यह कार्य स्तुत्य होने के साथ ही सम्पूर्ण समाज की दशा और दिशा को बदलने बाला है। क्योंकि सम्पूर्ण समाज ब्राह्मणों को आदर्श मानकर उनके कार्यों का अनुकरण करता है। उक्त उद्गार जगद्गुरु स्वामी राघव देवाचार्य जी महाराज ने ब्राह्मण समाज के विधवा – विधुर, तलाकशुदा और परित्यकताओं के वैवाहिक विवरण युक्त पत्रिका ‘ नव जीवन ‘ के विमोचन समारोह में आशीर्वचन के रूप में व्यक्त किए। इस अवसर महासभा के संथापक पं. वीरेंद्र तिवारी, संयोजक पं. मुन्ना लाल दुबे, अध्यक्ष पं. के .के.शर्मा, कोषाध्यक्ष पं. आनंद शुक्ला एवं संरक्षक डॉ.एच. पी. तिवारी ने महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त कर बताया कि पत्रिका को ब्राह्मण महासभा के विक्टोरिया के सामने स्थित कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।



