उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटा से खिलाड़ियों की बेरोजगारी दूर की जाए

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेष जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन एवं जागरूक खेल संघ के जिलाध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि सन 1995 तक मध्य प्रदेष में खिलाड़ी कोटे से विभागों में उत्कृष्ट खिलाड़ी के नाम से राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की भर्ती की जाती थी जो कि सन 1995 के बाद से बंद है जिससे प्रदेष के अच्छे खिलाड़ी भी बेरोजगार घूम रहे हैं जबकि ये खिलाड़ी होने के साथ ही फिजिकल डिप्लोमा भी हांसिल कर चुके हैं फिर भी बेरोजगार घूम रहे हैं। जिससे प्रदेष के खिलाड़ियों में रोष व्याप्त है। संघ ने आगे बताया कि जब से उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटा प्रदेष में बंद किया गया है तब से राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ी भी नौकरी पाने से वंचित है सिर्फ विक्रम अर्वाड हांसिल करने वाले खिलाड़ियों को प्रदेष में खिलाड़ी कोटे से नौकरी मिल पाती है और यह संभव नहीं की सभी खिलाड़ियों को विक्रम अवार्ड मिले। यही वजह है कि अच्छे खिलाड़ी भी जो नेषनल विजेता है नौकरी पाने भटक रहे हैं जिससे प्रदेष के खिलाड़ियों में रोष व्याप्त है। संघ के जिलाध्यक्ष-राॅबर्ट मार्टिन, दिनेष गौंड़, राकेष श्रीवास, हेमंत ठाकरे, क्रिस्टोफर नरोन्हा, शहीर मुमताज़, राजकुमार यादव, धनराज पिल्ले, हरी पासी, तेजभान सिंह, कुलदीप सिंह, सुधीर अवधिया, शषी रमन स्वामी, अजय मिश्रा, मो.शकील, सुनील झारिया, स्टेनली नाॅबर्ट, एनोस विक्टर, उमेष सिंह ठाकुर, राॅबर्ट फ्रांसिस, सुधीर पावेल, गुडविन चाल्र्स, सुनील स्टीफन, योगेष ठाकरे, राजेष सहारिया, रऊफ खान, विनय रामजे, विनोद सिंह, देवेन्द्र पटेल, अफरोज खान, नीरज मरावी, विरेन्द्र श्रीवास, सुधीर अवधिया, मानसिंह आर्मो, संजय राजपूत, संदीप यादव, फिलिप अन्थोनी, गोपीषाह, नीरज वर्मा, सतीष त्रिपाठी, विनोद साहू, शरीफ अंसारी, आषीष कोरी, विजय झारिया, आषाराम झारिया, आर.पी.खनाल, एस.बी.रजक, रामकुमार कतिया, सतीष दुबे, संतोष चैरसिया, नितिन तिवारी, समर सिंह ठाकुर, त्रिलोक सिंह, मुकेष चंदेल, अषोक परस्ते, अनूप डाहट, आकाष भील, मुकेष प्रधान, आषीष कोरी आदि ने मुख्य मंत्री महोद्य एवं खेल मंत्री महोद्य से मांग की है कि 1995 के बाद से बंद उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटा फिर प्रारम्भ किया जाए जिससे प्रदेष के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को खिलाड़ी कोटे से नौकरी मिल सके।



