चिकित्सकों के प्रयास से मौत से मुहं से वापस आई महिला

जबलपुर दर्पण। जाको राखे साईयां मार सके न कोई.. मौत के मुंह से वापस आने के बहुत से किस्से हैं। ऐसा ही एक नया मामला गत दिवस गोलबाजार स्थित नेशनल हॉस्पिटल में सामने आया। जहरीले पदार्थ खाने से बहुत से मामलों में जान बचाने वाली नेशनल हास्पिटल की स्पेशियालिटी फिर एक बार सामने आई। यहां गत २२ अप्रैल की सुबह ग्राम लोहारी सूखा निवासी ३६ वर्षीय अनीता (काल्पनिक नाम) को उसका पति रमाकांत (काल्पनिक नाम) इलाज के लिये लेकर आया। जहां उसने वह कीटनाशक की शीशी भी प्रस्तुत की जो उसने पी ली थी। यह कोई साधारण जहर नहीं था। फसलों में इल्ली के प्रकोप को खत्म करने वाला अत्यंत घातक थाईमेकसिम नामक कीटनाशक था। मरीज को सुबह 10:15 बजे लाया गया, तकरीबन कीटनाशक सेवन के 1 घंटे बाद अस्पताल लेकर पहुंचे थे। लिहाजा मरीज की स्थिति क्रिटिकल हो गई थी। नेशनल हास्पिटल के संचालक हिमांशु तिवारी ने बताया कि डॉ. पंकज क्षत्रिय और उनकी टीम ने इस क्रिटिकल मरीज के परिजनों को तमाम संभावित परिस्थितियों से अवगत कराकर चुनौती पूर्ण केस हाथ में लिया था। जहर शरीर में पूरी तरह फैल चुका था, मरीज को लाईफ सपोर्ट सिस्टम (वेंटीलेटर) पर रखकर सतत निगरानी की गई और समुचित उपचार किया गया। जिसके परिणाम स्वरूप 7-8 दिन के सघन उपचार के बाद मरीज की जान बचाई जा सकी।



