कटनी कलेक्टर कार्यालय का घेराव: बी.के. पटेल के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब

कटनी जबलपुर दर्पण । कटनी जिले में राजस्व अमले द्वारा की गई एकपक्षीय कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मामला ग्राम निवासी ब्रजकिशोर पटेल (बी.के. पटेल) की पैतृक भूमि से जुड़ा है, जहां लगाए गए वृक्षों को प्रशासन ने यह कहकर नष्ट कर दिया कि वह जमीन शासकीय है।
गौरतलब है कि उक्त भूमि वर्षों से बी.के. पटेल के स्वामित्व में है, और उनके परिवार द्वारा नियमित रूप से इस पर वृक्षारोपण किया जाता रहा है। राजस्व विभाग द्वारा इस जमीन को सरकारी बताकर सिर्फ बी.के. पटेल के वृक्ष उखाड़ दिए गए, जबकि उसी रकबे में अन्य लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण पर कोई कार्यवाही नहीं की गई।एसडीएम पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई का आरोप बी.के. पटेल और उनके समर्थकों का आरोप है कि कटनी एसडीएम प्रदीप मिश्रा ने यह कार्रवाई व्यक्तिगत द्वेष के चलते की है। पटेल के अनुसार, उन्हें टारगेट कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि बीते दिनों बी.के. पटेल ने मुख्यमंत्री आवास, भोपाल में आत्मदाह करने का फैसला कर लिया था, जिसे आंदोलन के साथियों और चौकी प्रभारी की समझाइश के बाद टाल दिया गया। प्रशासनिक निष्क्रियता पर आक्रोश आंदोलनकारियों का कहना है कि कई बार प्रशासन से शिकायत के बावजूद अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है। इसीलिए अब एक बार फिर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा गया है और एसडीएम प्रदीप मिश्रा पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
क्या होगा प्रशासन का रुख?
अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वह इस गंभीर प्रकरण में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा या यह मामला एक बार फिर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।



