मां बाघेश्वरी मंदिर के पीछे सड़क की बदहाली चेतावनी के बाद भी नहीं जागा निर्माण विभाग, राहगीर घायल

सिवनी जबलपुर दर्पण। बाग विकासखंड के ग्राम रिसावाला में स्थित मां बाघेश्वरी मंदिर के पीछे की सड़क की बदहाली अब दुर्घटनाओं को न्योता देने लगी है। लगातार चेतावनियों और शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों की अनदेखी के चलते मंगलवार को एक आदिवासी राहगीर हादसे का शिकार हो गया।
हालांकि गनीमत रही कि घटना मामूली रही, लेकिन यदि बड़ी दुर्घटना होती, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? स्थानीय पत्रकारों, क्षेत्रीय अधिवक्ता सलाम खान और सामाजिक कार्यकर्ता इंजीनियर चंदू द्वारा समय-समय पर इस स्थान की स्थिति को लेकर आवाज उठाई गई थी। बताया गया कि पहली बार जब यह मामला सामने आया, तो लोक निर्माण विभाग से जुड़ी लोक कल्याण शाखा के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अस्थाई रूप से मिट्टी डाल दी थी। इससे समस्या का समाधान तो नहीं हुआ, लेकिन शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने का प्रयास जरूर किया गया।
इसके पश्चात सिविल इंजीनियरिंग में एक वर्ष का अनुभव रखने वाले इंजीनियर चंदू ने तकनीकी दृष्टि से संभावित दुर्घटनाओं को लेकर चेताया और एक बार फिर लोकपथ पर शिकायत दर्ज की। इसका परिणाम यह हुआ कि अधूरी मरम्मत करते हुए गिट्टी डालकर उस स्थान की लीपापोती कर दी गई।
बावजूद इसके न तो मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम और न ही अन्य जिम्मेदार एजेंसियों ने स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया। अब जबकि एक राहगीर घायल हो चुका है, तो सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन किसी जानमाल की हानि होने का इंतजार कर रहा है? स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि मंदिर के पीछे स्थित इस खतरनाक स्थान पर जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, जिससे भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।



