पुलिस कर्मियों के समान वन कर्मियों को अधिकार दिए जाएं
जबलपुर दर्पण । मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया गया मध्यप्रदेश में 50 से अधिक विभाग है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में इन विभागों के कार्यालय एवं उपकार्यालय हैँ। इनमे लाखों की संख्या में अधिकारी, नियमित कर्मचारी,संविदा कर्मचारी,कार्यभारित कर्मचारी, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, विनियमित कर्मचारी, आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैँ।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने बताया कि वन विभाग में पदस्थ अधिकारीयों तथा कर्मचारियों को अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। यदि ये वन अधिकारी या वन कर्मचारी किसी वन्य अपराध घटित करने वाले को पकड़ते हैँ तो इन्हें उसे पुलिस को सुपुर्द करना पड़ता हैँ।इसी प्रकार वन कर्मियों के पास हथियार उपलब्ध नहीं हैँ।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने बताया कि वन कर्मियों को पुलिस कर्मियों के समान सुविधाएं मिलना चाहिए क्योंकि वन कर्मियों एवं पुलिस कर्मियों के वेतनमानोँ -प्रदत्त भत्तो में बहुत अंतर हैँ। अनेक विसंगतियां हैँ।पदोन्नति, क्रमोन्नति, गृह भाड़ा भत्ता, अवकाश, टी. ए., डी, ए., अन्य प्रकार के देयकों में अंतर है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर,अरविन्द विश्वकर्मा,संजय उपाध्याय, शिवेंद्र परिहार,भास्कर गुप्ता,जी आर झारिया,ऋषि पाठक,विश्वनाथ सिंह ठाकुर,दुर्गेश खातरकर, धर्मेंद्र परिहार, नितिन तिवारी,आदेश विश्वकर्मा,माधव पाण्डेय, सुधीर गौर, विशाल सिंह,अफ़रोज़ खान,आकाश भील,शैलेश पंड्या, रवि विश्वकर्मा, रवि केवट, देवेंद्र राजपूत,अजब सिंह, सुल्तान सिंह, इमरत सेन, देवराज सिंह, डेलन सिंह,महेश मेहरा, भोजराज विश्वकर्मा, पंकज हल्दकार, आसाराम झारिया,चंद्रभान साहू,अजय श्रीपाल,समर सिंह, सुरेंद्र परसते,देव सिंह भवेदी,पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी,ब्रजवती आर्मो,अम्बिका हँतिमारे,रेनू बुनकर,योगिता नंदेश्वर, भगीरथ परसते, राजेश्वरी दुबे, गीता कोल, सरोज कोल, अर्चना भट्ट,पूर्णिमा बेन, मदन पांन्द्रो,चंद्रभान साहू,,गंगाराम साहू, भोगीराम चौकसे,राकेश मून, रामकिशोर इपाचे,पवन सोयाम,रामदयाल उइके, कमलेश दुबे, राशिद अली, शबनम खान आदि ने माननीय वन मंत्री एवं सक्षम अधिकारीयों से पत्राचार कर वन अधिकारीयों तथा वन कर्मचारियों को पुलिस अधिकारीयों एवं कर्मचारियों के समान सुविधाएं एवं अधिकार दिए जाने की मांग की है।



