फिर निकला ई अटेंडेंस का जिन्न
जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया गया कि प्रदेश में 54 विभाग हैँ जिनके विभिन्न जिलों में हजारों कार्यालय एवं उपकार्यालय हैँ जिनमें लाखों अधिकारी -कर्मचारी कार्यरत हैँ। इतने विभागों में से केवल शिक्षा विभाग औऱ तो औऱ शिक्षा विभाग में भी केवल शिक्षकों औऱ विधार्थियो के लिए ई अटेंडेंस आवश्यक एवं अनिवार्य की गयी है.. मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार शिक्षा विभाग के अन्य कर्मचारियों तथा शेष बचे 53 विभागों के कर्मचारियों के लिए छूट क्यों दी गयी उन्हें किन कारणों से उपकृत किया जा रहा है।क्या ये ई अटेंडेंस की अनिवार्यता उनके लिए आवश्यक नहीं..? नवीन सत्र में पुनः शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए 16 जून से ई अटेंडेंस की अनिवार्यता प्रारम्भ की गयी है।मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने बताया कि एकमात्र शिक्षक ही प्रदेश के अधिकांश शासकीय कार्य जैसे चुनाव, बी एल ओ, जनगणना, मतगणना, नोडल अधिकारी,साक्षरता,पर्यवेक्षक,बी पी एल सर्वे.. इत्यादि अनेक कार्यों में अपनी सेवाएं देते है अर्थात सर्वाधिक कार्य लेने के बाद भी शिक्षक को ही मानसिक प्रताड़ित किया जाता रहा है नित नये आदेश, नियम, कार्य बतलाकर शिक्षक को डराया जा रहा है।विशेषकर दूरस्थ पहाड़ी ग्रामीण क्षेत्रों में तो रहने खाने के समुचित संसाधन नहीं होने के कारण शिक्षक के पास अप डाउन करना उसकी मजबूरी है अब ऐसे तुगलकी आदेश उनका मानसिक संतुलन बिगाड़ रहे हैँ।मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार ई अटेंडेंस की अनिवार्यता सभी विभागों के सभी अधिकारीयों एवं कर्मचारियों पर पूरे प्रदेश में लागू की जाये केवल शिक्षकों को टारगेट ना किया जाये।मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर,भास्कर गुप्ता, जी आर झारिया,ऋषि पाठक,दुर्गेश खातरकर,नितिन तिवारी,धर्मेंद्र परिहार, संजय उपाध्याय, शिवेंद्र परिहार,सतीश खरे,अरविन्द विश्वकर्मा, विश्वनाथ सिंह, आकाश भील, शैलेश पंड्या, माधव पाण्डेय, रवि विश्वकर्मा, अफ़रोज़ खान, रवि केवट आदेश विश्वकर्मा,कमलेश दुबे,अजब सिंह, सुल्तान सिंह, देवराज सिंह, इमरत सेन, डेलन सिंह, महेंद्र मार्को,सुरेंद्र परसते, देवेंद्र राजपूत, बहादुर पटेल, आशीष विश्वकर्मा, आशीष यादव, गंगाराम साहू, भोगीराम चौकसे, विशाल सिंह, राशिद अली,देव सिंह भवेदी, अंजनी उपाध्याय, ब्रजेन्द्र तिवारी,चंद्रभान साहू,आसाराम झारिया, समर सिंह, राकेश मून,संदीप परिहार,रामदयाल उइके, रामकिशोर इपाचे,मनोज कोल,पवन सोयाम, महेश मेहरा, विष्णु झारिया, पंकज हल्दकार,भोजराज विश्वकर्मा,मोदित रजक पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी, अर्चना भट्ट,रेनू बुनकर,जागृति मालवीय,शायदा खान, सुमिता इंगले, अम्बिका हँतिमारे, प्रेमवती सोयाम,ब्रजवती आर्मो,गीता कोल,राजेश्वरी दुबे, सरोज कोल,रौशनी महोबियाक्षिप्रा सिंह आदि ने श्रीमान मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री महोदय जी तथा प्रमुख सचिव महोदय जी और स्थानीय प्रशासन से ई अटेंडेंस की अनिवार्यता केवल शिक्षकों एवं विद्यार्थियों पर ही लागू करने और अन्य विभागों को छूट प्रदान करने पर चिंतन तथा विचार-विमर्श करके व्यवस्था में सकारात्मक सुधार लाने की मांग की है।



