भीषण गर्मी में बढ़ते हुए तापमान को देखते हुए स्कूल 1 जुलाई से खोले जाएं
जबलपुर दर्पण । जबलपुर मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के प्रांताध्यक्ष रॉबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि प्रदेश में भीषण गर्मी अपनी चरम सीमा पर है और तापमान 40 से 42 डिग्री तक पहुंच चुका है ऐसे में इस भीषण गर्मी में प्रदेश के शिक्षण संस्थाओं को 1 जुलाई से खोला जाना चाहिए क्योंकि इस भीषण गर्मी में यदि स्कूलों को 20 जून से खोला गया तो इससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा और भीषण गर्मी के चलते बच्चे लू के चपेट में आकर बीमार हो सकते हैं जिससे विद्यार्थियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है ऐसे में प्रदेश के स्कूलों को 20 जून की जगह 1 जुलाई से खोला जाना चाहिए संघ ने आगे बताया कि इस समय प्रदेश का तापमान 40 से 42 डिग्री पहुंच चुका है ऐसे में यदि स्कूलों को 20 जून से खोला जाता है तो छात्र छात्राओं के साथ ही शिक्षक शिक्षिकाओं को भी विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा खासकर ग्रामीण क्षेत्रों स्कूलों में जहां पर बिजली पंखे और पेयजल की व्यवस्था नहीं है वहां बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और इस भीषण गर्मी के चलते बच्चों को लू लगने के साथ ही उल्टी दस्त हो सकते हैं जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा और जान का भी खतरा बना रहेगा अतः राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल को इस भीषण गर्मी के प्रकोप को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के खुलने की तारीख 1 जुलाई कर देना चाहिए संघ के प्रांत अध्यक्ष रॉबर्ट मार्टिन ,दिनेश गोंड,राजकुमार यादव, राकेश श्रीवास ,हेमंत ठाकरे ,आशाराम झरिया,रऊफ खान ,सुधीर अवधिया, धनराज पिल्ले ,अजय मिश्रा ,नितिन तिवारी ,एनोस विक्टर, फ्लिप एंथोनी ,आदेश विश्वकर्मा,विश्वनाथ सिंह,विशाल सिंह,आकाश भील,कमलेश दूबे आदि ने आयुक्त राज्य शिक्षा केंद्र से मांग करते हैं कि ग्रीष्मकालीन अवकाश 30 जून तक बढ़ाया जाए।



