जबलपुर गोंदिया ब्रॉडगेज रूट पर शुरू हो नई ट्रेनों का संचालन

जबलपुर दर्पण। जबलपुर गोंदिया ब्रॉडगेज रुट पर नई ट्रेनों जिनमे जबलपुर से रायपुर, नांदेड़, हैदराबाद, कन्याकुमारी के लिए ट्रेन प्रारम्भ हो और जबलपुर से बनारस, ग्वालियर के लिये भी ओवर नाइट एक्सप्रेस की शुरुआत की जाए साथ ही जबलपुर एवँ समीपस्थ रेलवे स्टेशन में यात्री सुविधाओं, ट्रेनों के फेरे बढ़ाने और कोरोना काल मे बंद ट्रेनों के पुनः संचालन के लिए साँसद श्री राकेश सिंह ने पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत जबलपुर मंडल के साँसदो की महत्वपूर्ण बैठक में मांग पत्र सौंपा।
साँसद श्री राकेश सिंह ने कहा संसदीय क्षेत्र जबलपुर पश्चिम मध्य रेल जोन का मुख्यालय है। यहां रक्षा क्षेत्र के अनेक महत्वपूर्ण संस्थान, केन्द्रीय आयुध डिपो तथा अन्य केन्द्रीय इकाइयां स्थित हैं। देश में पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ ही पूरे महाकौशल क्षेत्र में जबलपुर शहर शैक्षणिक हब के रूप में जाना जाता है। केन्द्र सरकार भी जबलपुर के महत्व को समझते हुए यहां के स्टेशनों के विकास एवं यात्री सुविधाओं की सुनिश्चितता के लिए गंभीर है और इसी दृष्टि से जबलपुर मुख्य रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित करने के साथ ही मदनमहल को टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित करने की स्वीकृति केंद्र सरकार ने दी है।
साँसद श्री सिंह ने कहा जबलपुर स्टेशन एवं मंडल के अंतर्गत आने वाले मुख्य स्टेशन एवं सभी छोटे व मझौले स्टेशनों के विकास की आवश्यकता है साथ ही यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी, यात्रियों की सुरक्षा पर भी प्रयास किये जाने चाहिए इस हेतु बैठक में मांग पत्र के साथ ही सुझाव दिए है।
जबलपुर मुख्य स्टेशन
जबलपुर मुख्य रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित किये जाने के क्रम में मेरे द्वारा स्टेशन के बाहरी स्वरूप को भेड़ाघाट के मार्बल रॉक्स का लुक देने का सुझाव दिया गया था उसकी प्रगति एवँ स्टेशन में स्वीकृत कार्यां की प्रगति, निर्माणाधीन कार्यों तथा शेष कार्यों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया जाए साथ ही स्टेशन फसाड के सामने ग्रीन पेंच में नर्मदा नदी के वाटर बॉडी की डिजाइन कर योजना में सम्मिलित किये जाने, सीनियर सिटीजन्स, दिव्यांगजनों के लिए स्टेशनों में चलने वाली गोल्फ कार्ट के लिए पैसेज निर्धारण के सुझाव की कार्ययोजना पर क्रियांवयन। रेलवे स्टेशन के समीप पुल न 02 के कार्य को शीघ्र पूरा किया जाए।
गढ़ा एवं ग्वारीघाट स्टेशन का पश्चिम मध्य रेल जोन में विलय
जबलपुर से गोंदिया ब्रॉडगेज लाइन पर स्थित गढ़ा एवं ग्वारीघाट स्टेशन मूल रूप से जबलपुर की सीमा के अंदर स्थित हैं। शहर का लगभग 1 चौथाई भाग इन स्टेशनों के समीप स्थापित है। अभी ये दोनों स्टेशन दक्षिण पूर्व मध्य रेल बिलासपुर के अधीन हैं जिससे इन स्टेशनों के समुचित विकास एवं यात्री सुविधाओं के लिए प्रशासनिक अधिकारियों तथा नागरिकों को बिलासपुर जोन मुख्यालय से संपर्क करने में कठिनाई होती है। अतः उक्त दोनां स्टेशन जो शहरी सीमा के अंतर्गत आते हैं को पश्चिम मध्य रेल जबलपुर में शामिल किया जाए।
जबलपुर स्टेशन का नामकरण
महाकौशल क्षेत्र वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य एवं पराक्रम हेतु इतिहास में जाना जाता है। उनके नाम को अक्षुण्य बनाये रखने के लिए जबलपुर रेलवे स्टेशन का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर किये जाने हेतु मेरे सुझाव पर की गयी कार्यवाही से अवगत करावें।
मदनमहल स्टेशन का टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकास
मदनमहल स्टेशन को टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित किये जाने हेत 120 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गयी थी किन्तु जिस गति से यह कार्य होना था उस गति से कार्य नहीं हो रहा है। इस कार्य को शीघ्र पूर्ण किया जाये एवं कार्य की पूर्णता के लिए कोई समय-सीमा निर्धारित की जाये तथा समयसीमा से अवगत करावें।
जबलपुर संसदीय क्षेत्र अंतर्गत स्टेशनों में विकास एवँ ट्रेनों का संचालन
भेड़ाघाट में यात्री सुविधाओं को विकसित करने के साथ ही भेड़ाघाट स्टेशन पर जबलपुर-इंदौर एवं सोमनाथ एक्सप्रेस के ठहराव हेतु अखिल भारतीय समय सारणी सभा-2022 में भेजे गये प्रस्ताव की अद्यतन स्थिति से अवगत करावें एवं इंदौर-बिलासपुर एक्सप्रेस का स्टापेज दिये जाने की कार्यवाही की जावे। विंध्याचल एक्सप्रेस का स्टापेज पुनः प्रारंभ किया जावे।
सिहोरा स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किया गया है जिसके अंतर्गत होने वाले कार्यो को शीघ्र पूरा किया जाए। साथ ही रीवा इतवारी, जबलपुर हरिद्वार, रीवा राजकोट स्पेशल, जबलपुर संतराकाछी का स्टापेज दिया जाए।
शहपुरा भिटौनी स्टेशन में यात्री सुविधाओं के साथ क्षेत्रवासियों की मांग को देखते हुए शहपुरा भिटौनी पर जबलपुर-भोपाल इंटरसिटी का स्टापेज दिया जाये।
इसी के साथ अधारताल में यात्री सुविधा के साथ देवरी पनागर स्टेशन में यात्री सुविधाएं एवँ जबलपुर रीवा इंटरसिटी का स्टॉपेज किया जाए। गोसलपुर में यात्री सुविधाओं के विस्तार के साथ जबलपुर सिंगरौली इंटरसिटी के स्टॉपेज किया जाए।
नवीन स्टेशन के रूप में स्वीकृत पहरुआ स्टेशन का निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारम्भ किया जाए।
पश्चिम मध्य रेल जोन के अंतर्गत केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना
जबलपुर में जोन कार्यालय होने से हजारों रेल कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा हेतु केन्द्रीय विद्यालयों की कमी है। रेल कर्मचारियों के बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए बेहतर शैक्षणिक संस्थानों की उपलब्धता हेतु पश्चिम मध्य रेल जोन के अंतर्गत केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने हेतु मेरी मांग के संबंध मेंं रेल मंत्रालय को पुनः प्रस्ताव प्रेषित किया जावे।
‘‘सी’’ एवं ‘‘डी’’ ग्रुप की भर्तियों में खेल कोटे पर विचार
जबलपुर संस्कारधानी के साथ ही साथ खेल को प्रोत्साहित करने में प्रदेश ही नहीं देश में अग्रणी भूमिका अदा करता है। यहां से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेलों के खिलाडियों ने पदक प्राप्त कर देश को गौरवान्वित किया है। ऐसे खिलाड़ियों की जोन अंतर्गत खेल कोटे के तहत् ‘‘सी’’ एवं ‘‘डी’’ ग्रुप में सीधी भर्ती की प्रक्रिया पूर्व की भांति प्रारंभ की जाये।
ई ऑटो रिक्शा स्टेण्ड की स्थापना
जबलपुर शहर में ई ऑटो रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। इन रिक्शा चालक संघ की मांग है कि जबलपुर स्टेशन के प्लेटफार्म 1 एवं 6 पर ई ऑटो रिक्शा स्टेण्ड की स्थापना की जावे।
नई ट्रेनो का संचालन
जबलपुर से जगन्नाथपुरी के लिए सीधी ट्रेन प्रारंभ की जावे साथ ही जबलपुर-नैनपुर-गोंदिया होते हुए पुरी के लिए ट्रेन प्रारंभ की जावे।
जबलपुर से पुरी के लिए उपलब्ध साप्ताहिक गाड़ी 22909/10 को सप्ताह में तीन दिन चलाये जाए।
जबलपुर से मुम्बई गरीब रथ एक्सप्रेस को सप्ताह में 3 दिन चल रही है। इस गाड़ी को सप्ताह में पूरे दिन चलाया जाये। गरीब रथ को हमसफर या दुरंतो में परिवर्तित कर शेष दिन भी चलाये जाने का प्रस्ताव भेजा जावे।
जबलपुर से नागपुर मार्ग पर अतरिक्त ट्रेन चलायी जाये तथा रीवा-इतवारी ट्रेन को प्रतिदिन चलाया जाये।
जबलपुर से इंदौर के लिए गाड़ी संख्या 11701/02 जबलपुर-इंदौर को रद्द कर दिया गया है, चूंकि रेल परिचालन सामान्य होता जा रहा है अतः यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इस ट्रेन को पुनः प्रारंभ किया जावे।
जबलपुर-रायपुर व्हाया नैनपुर-गोंदिया होते हुए सीधी ट्रेन चलायी जावे जिससे डोंगरगढ़ धार्मिक स्थल से भी श्रद्धालु सीधे जुड़ सकेंगे।
नांदेड़ में सिख धर्म का पांचवा तख्त स्थित है जिसे सच खण्ड के नाम से जाना जाता है। अतः जबलपुर से से नांदेड़ व्हाया गोंदिया होते हुए सीधी ट्रेन चलायी जावे।
जबलपुर से व्हाया गोंदिया-नागपुर होते हुए हैदराबाद के लिए नई ट्रेन चलायी जावे।
जबलपुर से कन्याकुमारी के लिए गोंदिया, बल्लारशाह, चेन्नई, त्रिचनापल्ली, मदुरई होकर कन्याकुमारी तक नइ ट्रेन चलायी जावे।
जबलपुर से यशवंतपुर व्हाया नैनपुर-बालाघाट- गोंदिया-नागपुर होते हुए चलायी जावे।
जबलपुर से अटारी ट्रेन 01707 एवं जबलपुर से हरिद्वार ट्रेन का परिचालन बंद कर दिया गया है इन ट्रेनों को पुनः प्रारंभ किया जाये।
जबलपुर से बनारस ओवरनाइट दैनिक ट्रेन चलायी जाये।
जबलपुर से ग्वालियर दैनिक ओवर नाइट एक्सप्रेस चलायी जाये।
रांझी से भेड़ाघाट चले लोकल ट्रेन
जबलपुर महानगर की तर्ज पर विकसित हो रहा है जिसका विस्तार लगभग 30 कि0मी0 की परिधि में वर्तमान में फैला हुआ है। जनसंख्या के घनत्व को देखते हुए आम नागरिकों के लिए यातायात के संसाधन दिन प्रतिदिन कम होते जा रहे हैं। वैसे भी महानगरों में यात्रियों के लिए लोकल ट्रेन की आवश्यकता सदैव उपयोगी होती है। इसको देखते हुए मेरे द्वारा पूर्व में भी रांझी से भेड़ाघाट लोकल ट्रेन चलाने की बात का सुझाव दिया गया था जिस पर अमल नहीं हो सका। अतः रांझी से भेड़ाघाट लोकल ट्रेन चलाये जाने की कार्य योजना बनायी जाये।
ट्रेनों के फेरे बढ़ाने हेतु
इन ट्रेनों के फेरे बढ़ाये जाने से यात्रियों को सुविधा होगी।
जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस।
जबलपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस।
जबलपुर-पुणे साप्ताहिक ट्रेन।
जबलपुर-बान्द्रा टर्मिनस साप्ताहिक ट्रेन।
जबलपुर-कोयम्बटूर साप्ताहिक ट्रेन।
साँसद श्री सिंह ने कहा आम नागरिकों के माध्यम से मुझे यह जानकारी दी गयी है कि जबलपुर स्टेशन में प्लेटफार्मोंं की संख्या पर्याप्त होने के बाद भी अप एवं डाउन दिशाओं की यात्री गाड़ियों को आउटर पर एक-एक घंटे रोका जाता है जिससे रेल यात्रियों में असंतोष का होना स्वाभाविक है अतः इस ओर ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है।



