नित्य नियम से भगवत आराधना से ही मिलती है सुख समृद्धि : स्वामी नरसिंह दास

जबलपुर दर्पण। श्रावण का शाब्दिक अर्थ श्रवण अर्थात सुनना है, पुरूषोत्तम मास 32 मास पश्चात आता है । शिव के प्रिय मास में पुरूषोत्तम मास अत्यंत लाभकारी होता है। साधकों को भूत भविष्य वर्तमान के कर्मों को सुधारने के लिए साधना और वैदिक विधान से शिवाराधना करना चाहिए । नित्य नियम संयम और अनुशासन में रहकर साधना करने मात्र से दैहिक दैविक भौतिक तापों से मुक्ति मिलती है साथ ही सुख समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है
उक्त उद्गार नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह दास जी महाराज ने नरसिंह मंदिर गीता धाम में पुरूषोत्तम श्रावण मास महोत्सव के अवसर पर आयोजित पारदेश्वर महादेव शंभो की षोणषोपचार पूजन , 108 शिवनामार्चन, रूद्राभिषेक में कहे ।
श्रावण महोत्सव रूद्राभिषेक पूजन आचार्य रामफल शास्त्री , संदीप शास्त्री, रामजी ,लालमणि मिश्रा, जितेंद्र तिवारी ,संदीप, सुनील ,प्रवीन चतुर्वेदी ,प्रियांशु, हिमांशु, पवन ,विवेक, अमित शास्त्री सहित नरसिंह मंदिर गीता धाम भक्त मंडल के सदस्य और श्रृध्दालु जन उपस्थित रहे ।
आज श्रावण पुरूषोत्तम मास के अवसर पर विशेष अनुष्ठान प्रात काल 9 बजे से नरसिंह मंदिर सायं काल 5 बजे से गीता धाम में प्रतिदिन आयोजित हो रहे है , आप सभी श्रृध्दालु जनों से उपस्थित होकर धर्म लाभ अर्जित करने का आग्रह श्री सनातन धर्म महासभा, नरसिंह मंदिर गीता धाम भक्त परिवार ने किया है।



