उर्दू स्कूलों के छात्र-छात्राओं के साथ नाइंसाफी

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार नवीन शैक्षणिक सत्र 2023-24 प्रारंभ हो गया है किन्तु प्रदेश के सरकारी उर्दू स्कूलों के छात्र-छात्राओं को किसी भी तरह की निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें नहीं प्रदान की गई है जबकि हिन्दी विषयों की निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया जा रहा है जबकि दोनों विषयों की पढ़ाई एवं बोर्ड परीक्षा एक समय पर ही आयोजित होती है, ऐसे में इन नन्हें मुन्ने बच्चों की पढ़ाई पिछड़ जायेंगी। वरिष्ठ सक्षम अधिकारियों द्वारा इन नन्हें -मुन्ने बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है..? जबकि प्रदेश के लगभग प्रत्येक जिलों में उर्दू माध्यम स्कूल संचालित हो रहे हैं।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर, सतीश खरे, शैलेश पंड्या, प्रशांत श्रीवास्तव, विवेक साहू, बैजनाथ यादव, दिलीप साहू, माधव पाण्डेय, ऋषि पाठक, आशीष विश्वकर्मा, अजय लोधी, बहादुर पटेल, श्याम सुन्दर शुक्ला, रवि विश्वकर्मा, संदीप भागवत, शिव यादव, नारायण गौंड, दुर्गेश खातरकर, भास्कर गुप्ता, जी आर झारिया, सुधीर गौर, पंकज हल्दकार, अफ़रोज़ खान, रवि केवट, भोगीराम चौकसे, गंगाराम साहू, अंजनी उपाध्याय, देवेंद्र राजपूत, देव सिंह भवेदी, राकेश मून, महेश मेहरा, भोजराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र परिहार, नितिन तिवारी, संदीप परिहार, चंद्रभान साहू, विष्णु झारिया, विश्वनाथ सिंह, आकाश भील, कमलेश दुबे, आदेश विश्वकर्मा, सुरेंद्र परसते, विशाल सिंह, राशिद अली, अजब सिंह, सुल्तान सिंह, देवराज सिंह, इमरत सेन, आसाराम झारिया, समर सिंह, अजय श्रीपाल, डेलन सिंह, पवन सोयाम, मनोज कोल, रामदयाल उइके, रामकिशोर इपाचे, मोदित रजक, अनुराधा नामदेव, मनोरमा ठाकुर, संध्या पटेल, पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी, कल्पना ठाकुर, दीपिका चौबे, शारदा मंडाले, रेनू बुनकर, अम्बिका हँतिमारे, योगिता नंदेश्वर, जया शुक्ला, अर्चना भट्ट, सुनीता जॉर्ज, प्रेमवती सोयाम, पूर्णिमा बेन, सिया पटेल, क्षिप्रा सिंह, जागृति मालवीय, गीता कोल, सरोज कोल, राजेश्वरी दुबे, भागीरथी परसते, शबनम खान, शायदा खान इत्यादि ने श्रीमान आयुक्त महोदय जी,राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल एवं शासन- प्रशासन से मांग की है,कि शीघ्र -अतिशीघ्र समस्त उर्दू स्कूलों में समस्त विषयों की निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें प्रदान की जावे।



