अतिथि शिक्षकों के लिए गुरूजी जैसा कोई प्रावधान लाया जावे प्रावधान

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार शिक्षा विभाग में कई वर्षों से अतिथि शिक्षक के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षक जिनके पास आवश्यक स्कोर कार्ड एवं पर्याप्त अनुभव हैँ उन्हें सरकार को गुरुजीयों की भांति कुछ विशेष अभियान चलाकर ओवर ऐज हो रहे एवं कभी ना कभी तो नियमित होंगे ऐसे आशान्वित अतिथि शिक्षकों का मनोबल नहीं तोडना चाहिए।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने आगे बताया कि सरकार चाहे तो इनके लिए 1. संविदा शिक्षक परीक्षा में लगभग 25% सीटों को आरक्षित कर दे 2. गुरूजीयो की भांति इनका भी उद्धार कर देवे अर्थात सिर्फ इनकी अलग से परीक्षा लेकर कम से कम दो अवसर प्रदान कर इन्हे राहत प्रदान करे।ये इसी आशा में वर्षों से सेवाएं दे रहें हैँ।इनके साथ सरकार की सहानुभूति होना अनिवार्य हैँ।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने आगे बताया कि प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी की गिनती अति संवेदनशील मुख्यमंत्रीयों में होती हैँ। जिनका समस्याओँ के त्वरित निराकरण करने का, लंबित प्रकरणों को शीघ्र समाप्त करने का तथा अपने अधीनस्थोँ का सर्वप्रथम ध्यान रखने का अपना एक अलग अंदाज है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर,भास्कर गुप्ता, जी आर झारिया, शैलेश पंड्या, रवि विश्वकर्मा,बहादुर पटेल, अजय लोधी, प्रशांत श्रीवास्तव, विवेक साहू, आशीष विश्वकर्मा, संदीप भागवत, दिलीप साहू, श्याम सुन्दर शुक्ला, नीरज बाजपेई, सतीश खरे, माधव पाण्डेय, नारायण गौंड, शिव यादव, विश्वनाथ सिंह, आकाश भील,आदेश विश्वकर्मा, नितिन तिवारी, धर्मेंद्र परिहार, ऋषि पाठक, दुर्गेश खातरकर, देवेंद्र राजपूत, पंकज हल्दकार, अंजनी उपाध्याय, अफ़रोज़ खान, रवि केवट, महेश मेहरा, भोजराज विश्वकर्मा, आसाराम झारिया, समर सिंह, गंगाराम साहू, भोगीराम चौकसे, चंद्रभान साहू, सुरेंद्र परसते, अजब सिंह, सुल्तान सिंह, देवराज सिंह, इमरत सेन, देव सिंह भवेदी, लोचन सिंह, मनोज कोल, पवन सोयाम, रामदयाल उइके, रामकिशोर इपाचे,सुधीर गौर,विष्णु झारिया, राशिद अली, विशाल सिंह, कमलेश दुबे, मोदित रजक, संदीप परिहार,अजय श्रीपाल, मदन पांन्द्रो,संध्या पटेल, अनुराधा नामदेव, मनोरमा ठाकुर, कल्पना ठाकुर,चंदा सोनी, पुष्पा रघुवंशी,अर्चना भट्ट, राजेश्वरी दुबे,शारदा मंडाले, दीपिका चौबे, जया शुक्ला, सुनीता जॉर्ज, पूर्णिमा बेन, ब्रजवती आर्मो, अम्बिका हँतिमारे, रेनू बुनकर, योगिता नंदेश्वर, जागृति मालवीय, प्रेमवती सोयाम, क्षिप्रा सिंह, शबनम खान, शायदा खान, भागीरथी परसते, माया सोयाम, सिया पटेल इत्यादि ने प्रदेश के अति संवेदनशील माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी से मांग की है,कि वे अतिथि शिक्षकों के उज्जवल भविष्य हेतु कोई ठोस निर्णय लेवें क्योंकि अब अनेकों के साथ उनका परिवार भी जुडा है।



