अंरर्राष्ट्रीय दर्पण

2040 तक मलेरिया और एचआईवी से अधिक हेपेटाइटिस से होंगी मौतें

विश्व स्वस्थ्य संगठन ने वायरल हेपेटाइटिस की जांच व इलाज बढ़ाने पर बल दिया। संगठन ने चेताया कि अगर यही हाल रहा तो वर्ष 2040 तक जितनी मौतें मलेरिया, टीबी व एचआईवी के कारण होंगी, उससे अधिक मौतों के लिए अकेले हेपेटाइटिस जिम्मेदार होगा। इस दौरान एक जीवन, एक लिवर अभियान की शुरुआत की गई।

वायरल हेपेटाइटिस पर काबू पाने के लिए हर साल 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है। हेपेटाइटिस के कारण लिवर को नुकसान पहुंचता है, जिससे हर साल 10 लाख लोगों से ज्यादा की मौत हो जाती है। हेपेटाइटिस संक्रमण पांच प्रकार के होते हैं, जिनमें हेपेटाइटिस बी व सी के कारण ज्यादातर मौतें होती हैं। हेपेटाइटिस सी ठीक हो सकती है, लेकिन सिर्फ 21 प्रतिशत लोग इस बीमारी की जांच करवा पाते हैं और सिर्फ 13 प्रतिशत इसका इलाज। इसी प्रकार हेपेटाइटिस बी के 10 प्रतिशत मरीज जांच करवा पाते हैं और सिर्फ दो प्रतिशत लोगों को जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध हो पाती हैं। इस दौरान डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनोम घेब्रेयसस ने कहा, दुनिया भर में लाखों लोग जांच व इलाज के अभाव में हेपेटाइटिस के साथ जी रहे हैं। हालांकि, अब हमारे पास इसकी रोकथाम, जांच और उपचार के बेहतर विकल्प मौजूद हैं।

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