उच्च पद प्रभार प्रक्रिया पूंर्णतः स्वैच्छिक हो

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेष जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के प्रांताध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि इस समय मध्य प्रदेष शासन द्वारा पदोन्नति के बदले वैकल्पिक तौर पर उच्च पद प्रभार देने की प्रक्रिया प्रदेष के सभी विभागों में जारी है। वैसे तो उच्च पद प्रभार की प्रक्रिया में अनेकों विसंगतियां देखने को मिल रही है। वहीं दूसरी तरफ उच्च पद प्रभार की सूची विभाग द्वारा एम षिक्षा मित्र पर व्यक्तिगत आदेष जारी किए जा रहे हैं। व्यक्तिगत आदेष प्रसारित किए जाने के कारण पूंर्णतः पारदर्षिता प्रदर्षित नहीं हो रही है। जिससे सभी कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
संघ ने आगे बताया कि एक तरफ पारदर्षिता प्रदर्षित नहीं हो रही है वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों को एक तरफा कार्य मुक्त किया जा रहा है जो अनुचित है। न्याय संगत नहीं है। वहीं दूसरी तरफ उच्च पद प्रभार प्रक्रिया स्वैच्छिक क्यों नही है यह बहुत बड़ा सवाल है। क्योंकि जो नियमित कर्मचारी है उनमें ज्यादातर कर्मचारी सेवानिवृत्ति के करीब हैं किसी को 1 साल तो किसी को 2 साल बाकी हैं ऐसे कर्मचारी उच्च पद प्रभार गृहण कर दूर नहीं जाना चाहते हैं। परंतु शासन/विभागीय कार्यवाही द्वारा उन्हे एक तरफा कार्यमुक्त किया जा रहा है जो न्यायसंगत नहीं है क्योंकि इस वजह से कुछ कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने मजबूर होना पड़ रहा है। विभिन्न विभागों में कई महिला कर्मचारियों को परेषानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उच्च पद प्रभार प्रक्रिया पूंर्णतः स्वैच्छिक होना चाहिए।
संघ के जिलाध्यक्ष-राॅबर्ट मार्टिन, जियाउर्रहीम, हेमन्त ठाकरे, दिनेष गौंड़, उमेष सिंह ठाकुर, राकेष श्रीवास, सुनील झारिया, रऊफ खान, एनोस विक्टर, धनराज पिल्ले, गुडविन चाल्र्स, ओमप्रकाष झारिया, राजेष सहारिया, गोपीषाह, रामकुमार कतिया, विजय झारिया, भास्कर गुप्ता, सुधीर अवधिया, मनीष मिश्रा, राजकुमार यादव, फिलिप अन्थोनी, सुधीर पावेल, विनोद सिंह, क्रिस्टोफर नरोन्हा, राजेन्द्र सिंह, रामदयाल उईके, अफरोज खान, देवेन्द्र पटेल, मनीष झारिया, रवि जैन, नेत राम, नीरज मरावी, वीरेन्द्र श्रीवास, सुनील स्टीफन, विनय रामजे, प्रदीप पटेल, रामकुमार कतिया, सरीफ अहमद अंसारी, आषीष कोरी, मनीष मिश्रा, संतोष चैरसिया, एस.बी.रजक, सुखराम विष्वकर्मा आदि ने शासन से मांग की है कि उच्च पद प्रभार प्रक्रिया को पूंर्णतः स्वैच्छिक किया जाए।



