साहित्य दर्पण

जब धरा पर रिमझिम बरसे प्रीत रे

जबलपुर प्रसंग अंतर्राष्ट्रीय मंच के तत्वावधान में आया सावन झूम के विषय पर बृहद काव्य उत्सव में रचनाकारों द्वारा शानदार रचना का पाठ किया गया

  • डॉ विनीता पांडे विनीत ने कहा–
    सनम सावन के मौसम में हवाएं गुनगुनाती हैं
    जब बादल बरसते हैं घटाएं भी बरस जाती हैं

मंजू जायसवाल ने कहा
नैनों में सावन की मस्ती बूंदों का त्यौहार है
आग लगाए सावन प्रीतम कैसा यह मनोहर है

अनुकंपा नायक ने पढ़ा
जब धरा पर रिमझिम बरसे प्रीत रे
आ जाओ अब सावन में मेरे मीत रे

सुश्री लता गुप्ता ने पढ़ा
लहजा भले शैतानी रख
मीठी अपनी वाणी रख

अर्चना गोस्वामी ने कहा
देखो सावन की रिमझिम फुहार रे
देखो मनवा भी गाय मल्हार रे

सावन पर आधारित इस काव्य उत्सव में मुख्य अतिथि डॉ अनामिका तिवारी रही और अध्यक्षता मोहन शशि ने की विशिष्ट अतिथि के रूप में अर्चना मलैया रही|
अभय नायक द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई जिसके उपरांत मनोहर चौबे, मीना भट्ट, निरंजन द्विवेदी, लता गुप्ता, सुशील श्रीवास्तव, प्रतिमा अखिलेश, डॉ मकबूल अली, मदन श्रीवास्तव, मनोज शुक्ला, बसंत शर्मा, निरंजन द्विवेदी, दुर्गा सिंह पटेल, ज्योत्सना शर्मा, डॉ मुकुल तिवारी, अनुराधा गर्ग ,डॉ अनिल कोरी, अर्चना गोस्वामी, डॉ. अंकिता नेमा, मंजू जायसवाल, लता गुप्ता, ज्योत्सना शर्मा, आदि ने सावन पर आधारित रचनाओं का पाठ किया संचालन प्रसंग समूह के संस्थापक इंजी. विनोद नयन ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ .रानू रूही द्वारा किया गया

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