आर्थिक नुकसान से परे रख कर दिया जाए उच्च पद प्रभार
जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेष जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के प्रांताध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि उच्च पद प्रभार की प्रक्रिया जारी है जो कि अब पूंर्णतः स्वैच्छिक है परंतु यदि किसी भी षिक्षकों के द्वारा उच्च पद प्रभार गृहण करने में अस्वीकृती जतायी जाती है तो ऐसे में किसी भी षिक्षक का आर्थिक नुकसान नही होना चाहिए। क्योंकि यदि अस्वीकृती की स्थिति में यदि शासन द्वारा किसी भी प्रकार से आर्थिक दंड दिया जाता है जैसे कि क्रमोन्नति न देना या रोकना तो इससे षिक्षकों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए उच्च पद प्रभार अस्वीकृती की स्थिति में षिक्षकों को किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान न हो इसका वरिष्ठ कार्यालयों एवं अधिकारियों को विषेष ध्यान रखना होगा।
संघ ने आगे बताया कि उच्च पद प्रभार की प्रक्रिया पूरे प्रदेष के हर वर्ग के षिक्षकों के लिए जोर शोर से जारी है वहीं कई ऐसे प्राचार्य, व्याख्याता, षिक्षक, हेडमास्टर, सहायक षिक्षक, प्राथमिक षिक्षक एवं माध्यमिक षिक्षक है जिनके सेवानिवृत्त होने में सिर्फ 4 से 5 साल बाकी हैं कई एक साल के भीतर ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं ऐसे मे वे उच्च पद प्रभार अस्वीकृत कर सकते हैं परंतु ऐसी स्थिति में षिक्षकों पर किसी प्रकार से शासनादेष के तहत किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान नहीं किया जाना चाहिए। जिससे उच्च पद प्रभार देने में पारदर्षिता बनी रहे।
संघ के जिलाध्यक्ष-राॅबर्ट मार्टिन, जियाउर्रहीम, एनोस विक्टर, विनोद सिंह, गुडविन चाल्र्स, रऊफ खान, धनराज पिल्ले, सुधीर अवधिया, ओमप्रकाष झारिया, उमेष सिंह ठाकुर, सुनील झारिया, राजेष सहारिया, गोपीषाह, रामकुमार कतिया, विजय झारिया, भास्कर गुप्ता, सुधीर अवधिया, मनीष मिश्रा, राजकुमार यादव, फिलिप अन्थोनी, सुधीर पावेल, क्रिस्टोफर नरोन्हा, राजेन्द्र सिंह, रामदयाल उईके, अफरोज खान, देवेन्द्र पटेल, मनीष झारिया, रवि जैन, नेत राम, नीरज मरावी, वीरेन्द्र श्रीवास, सुनील स्टीफन, विनय रामजे, प्रदीप पटेल, रामकुमार कतिया, सरीफ अहमद अंसारी, आषीष कोरी, मनीष मिश्रा, संतोष चैरसिया, एस.बी.रजक, सुखराम विष्वकर्मा आदि ने शासन से मांग की है कि उच्च पद प्रभार प्रक्रिया में षिक्षकों द्वारा अस्वीकृती की स्थिति में किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान न हो।



