दया करुणा शांति और भाईचारे का महापर्व है ईद मिलादुन्नबी : सरताज मंजिल

जबलपुर दर्पण। जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर प्रखर वक्ता एवं भाजपा युवा नेता सरताज मंजिल ने बताया के हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम को अल्लाह ने रिसालत, नबूअत, पैगम्बरी, अता कर रहमतुल्लिल आलमीन बनाकर अरब की सरजमीं पर भेजा था, क्योंकि उस समय अरब के लोगों के हालात बहुत खराब हो गए थे, लोगों में शराबखोरी, जुआखोरी, हरामखोरी, लूटमार, वेश्यावृत्ति, लड़ाई झगड़ा, और पिछड़ापन भयंकर रूप से फैला हुआ था, कई लोग नास्तिक थे, ऐसे माहौल में हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम ने लोगों को ईश्वर का संदेश दिया। सरताज मंजिल ने आगे बताया के इस्लाम की बरकत, पैकरे अजमत, खत्म नबुअत, मोहसिने इंसानियत, हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम का जन्मदिन ( यौमे विलादत) 28 सितम्बर गुरुवार को पूरे देश मे हर्षोउल्लास और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, इस खास दिन का जशन मनाने जबलपूर के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों के हर घर मे झंडा गलियों में सजावट और मस्जिदों की साज सज्जा की गई है, गुरुवार को सुबह 9 बजे से जुलूस अपने पारम्परिक रास्ते से निकाले जायंगे जिसमे जगह जगह लंगर का खास इंतेजाम किया जाएगा जिसका समापन दोपहर 1 बजे अंजुमन इस्लामिया स्कूल मढ़ाताल में जोहर की नमाज के बाद मुल्क की तरक्की धार्मिक सद्भावना और अमन शांति की दुआ के साथ किया जाएगा, इस खास दिन को और भी ज्यादा खास बनाने के लिये सरताज मंजिल ने लोगों से अपील की है के इस दिन लोग हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम के निर्देश अनुसार कार्य करने का प्रण लें हर तरह की बुराई और गलत काम से बचें साथ ही हर समय नेक काम करने की प्रतिज्ञा लें, लोग प्रेम, शान्ति, करुणा, और सद्भाव के साथ मानवता की भलाई व देश विकास में अपना योगदान दें और उनके बताए अहकाम पर अमल करें, तब जाकर हम नबी अकरम के सच्चे मानने वाले कहलायेंगे, आप सभी को ईद मिलादुन्नबी की मुबारक बाद ।



