सिख समाज ने हर्षोल्लास के साथ मनाई संत रविदास जयंती

जबलपुर दर्पण। मन चंगा तो कठौती में गंगा ‘कोई भी व्यक्ति छोटा या बड़ा अपने जन्म के कारण नहीं बल्कि अपने कर्म के कारण होता है। व्यक्ति के कर्म ही उसे ऊंचा या नीचा बनाते हैं कभी भी अपनी शक्तियों पर घमंड ना करें, क्योंकि सभी के गुण अलग-अलग होते हैं। एक छोटी सी चींटी शक्कर के दानों को बीन सकती है लेकिन एक हाथी यह काम नहीं कर सकता। इन शब्दों को संत रविदास जी ने अपनी वाणी में कहा है संत रविदास की जयंती बड़े श्रद्धा और विश्वास के साथ सिख संगत रविदास समाज के साथ हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कांच घर में बनाई गई। बड़ी संख्या में संत रविदास के अनुयाई तथा सिख समाज के वरिष्ठ जन उपस्थित रहे। यदि दुनिया के लोग श्री गुरु ग्रंथ साहिब की वाणी को अपने अंदर उतार ले तो कभी भी किसी के बीच में भेदभाव ऊंच-नीच नहीं हो सकता आओ हम सब मिलकर संत रविदास जी को याद करें तथा उनके द्वारा दिए गए निर्देश और विचारों को अपने जीवन में उतारें जीवन सफल करें कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं बच्चे शामिल थे। संत प्रकाश दास जी, शिवनाथ आलम, करमबीर सिंह, भगत रविदास जी, विधायक लखन घनघोरिया जी ने ही अपने विचार वहां पर रखें।



